मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के फेज-2 के तहत बनाए जा रहे अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार रात भोपाल टॉकीज के नजदीक स्थित ऐतिहासिक शाही कब्रिस्तान परिसर में मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू कराने पहुँची टीम का स्थानीय कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कड़ा विरोध किया। मेट्रो टीम द्वारा मौके पर बैरिकेडिंग और मशीनें लगाए जाने की सूचना मिलते ही विधायक अपने समर्थकों और समाज के लोगों के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुँच गए, जिसके बाद वहाँ भारी हंगामा देखने को मिला।
⚠️ ‘बिना परमिशन कब्रिस्तान की जमीन पर काम बर्दाश्त नहीं’: विधायक और अधिकारियों के बीच तीखी बहस, मशीनें हटाने की दी चेतावनी
मौके पर मौजूद मेट्रो और पुलिस अधिकारियों के साथ विधायक आतिफ अकील की तीखी बहस हुई। विधायक ने सख्त लहजे में अधिकारियों से सवाल किया कि जब यह जमीन शाही औकाफ और शाही कब्रिस्तान की संपत्ति है, तो यहाँ बिना किसी वैधानिक अनुमति के निर्माण सामग्री और मशीनें कैसे लाई गईं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का काम नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तुरंत वहाँ से मशीनें और निर्माण सामग्री हटाने की मांग की।
📜 वक्फ अधिकरण में चल रही है मामले की सुनवाई: भोपाल मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट के तहत अंडरग्राउंड और एलिवेटेड रूट पर प्रस्तावित है काम
आपको बता दें कि शाही कब्रिस्तान से जुड़े इस स्वामित्व और रूट विवाद का मामला फिलहाल मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में विचाराधीन है, जहाँ दोनों पक्षों की तरफ से कानूनी दलीलें और आपत्तियां रखी जा रही हैं। भोपाल मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट के तहत सुभाषनगर से करोंद तक करीब 9.74 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 5.38 किमी एलिवेटेड और 3.39 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। इस प्रोजेक्ट के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंडरग्राउंड टनल और स्टेशन का निर्माण होना है, जिस पर लगभग 890 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

More Stories
Ratlam Police Action: छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में अतिथि शिक्षक जेल भेजा गया, कानून अपने हाथ में लेने वालों पर भी दर्ज हुआ मुकदमा
FIFA World Cup & Olympics: भारत के फीफा वर्ल्ड कप में पहुंचने पर बोले बाइचुंग भूटिया, सामूहिक प्रयासों की है जरूरत
Madhya Pradesh Jansunwai: कलेक्ट्रेट के बाहर ग्रामीणों का धरना, प्रशासन से जमीन आवंटन निरस्त कर पट्टे देने की मांग