October 6, 2026

News Prawah

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WhatsApp Ban Controversy: लीगल नोटिस का जवाब न मिलने पर भड़के वकील, बुधवार को होगी हाई कोर्ट में सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट दो बार ब्लॉक होने का अजीब मामला सामने आया है। इस कार्रवाई से परेशान होकर वह खुद हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। अपनी याचिका में उन्होंने बताया कि पहला अकाउंट बंद होने के बाद उन्होंने जब दूसरे नंबर से नया अकाउंट बनाया, तो वह भी ब्लॉक कर दिया गया। व्हाट्सएप एलएलसी की इस मनमानी कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने दोनों अकाउंट्स को तत्काल बहाल करने की मांग की है। इस मामले पर हाई कोर्ट में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को सुनवाई होगी।

⚖️ बिना पूर्व सूचना और कारण बताए बंद किए गए दोनों नंबर: गुड़गांव स्थित ऑफिस को भेजा गया था लीगल नोटिस

याचिकाकर्ता वरिष्ठ वकील ने बताया कि कुछ दिन पहले उनका मुख्य व्हाट्सएप अचानक बंद हो गया। उन्हें लगा कि शायद सिम या मोबाइल में कोई तकनीकी खराबी है, इसलिए उन्होंने नया नंबर लेकर उस पर दोबारा व्हाट्सएप चालू किया, लेकिन 4 अक्टूबर को वह दूसरा नंबर भी अचानक ब्लॉक हो गया। बिना किसी पूर्व सूचना, कारण या शो-कॉज नोटिस के अकाउंट बंद किए जाने से उनके वकालत के कामकाज और मुवक्किलों से संपर्क में भारी बाधा आई। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सएप के गुड़गांव स्थित ग्रीवांस ऑफिसर को कानूनी नोटिस भेजकर 48 घंटे में अकाउंट बहाल करने और तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

🏛️ प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है कार्रवाई: अधिवक्ता रोहित मिश्रा ने उठाए आईटी रूल्स 2021 के पालन पर सवाल

अधिवक्ता रोहित मिश्रा के माध्यम से दायर इस याचिका में कहा गया है कि आज के समय में वकीलों के लिए व्हाट्सएप केवल चैट का जरिया नहीं, बल्कि मुवक्किलों से संवाद, केस के दस्तावेज और प्रोफेशनल अपडेट्स का अहम डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। बिना कारण अकाउंट ब्लॉक करना ‘Information Technology Rules, 2021’ और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में बुधवार को अदालत में सुनवाई होगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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