अगर आप इस दिवाली अपने लिए या परिवार के लिए सोने की कोई ज्वेलरी (Gold Jewelry) बनवाने या खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि ज्वेलर आपको जो आभूषण दे रहा है, वह वास्तव में असली और शुद्ध है या फिर सिर्फ सोने की प्लेटिंग (Gold Plating) है। हालांकि, सोने की असली पहचान मुख्य रूप से उसके हॉलमार्क से होती है, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे तरीके और तकनीकी उपाय हैं जिनकी मदद से आप घर बैठे असली सोने की पहचान आसानी से कर सकते हैं।
📊 सोने की शुद्धता के प्रकार: जानिए 24, 22 और 18 कैरेट (Karat) में क्या होता है बड़ा अंतर
सोना खरीदने से पहले कैरेट (Karat) का गणित समझना आवश्यक है:
- 24 कैरेट (24K – 99.9% शुद्ध): यह सोने का सबसे शुद्ध रूप होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के या बार (Gold Bar) बनाने में किया जाता है, क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है और इससे मजबूत गहने नहीं बनाए जा सकते।
- 22 कैरेट (22K / 916 – 91.6% शुद्ध): इसमें 91.6% शुद्ध सोना और बाकी अन्य धातुएं होती हैं। यह आभूषण (Necklace, Bangles आदि) बनाने के लिए सबसे अच्छा और आदर्श माना जाता है।
- 18 कैरेट (18K / 750 – 75.0% शुद्ध): इसमें 75% शुद्ध सोना होता है। इसका उपयोग आमतौर पर डायमंड ज्वेलरी (Diamond Jewelry) और स्टोन वाले फैंसी गहने बनाने के लिए किया जाता है।
🛡️ हॉलमार्क और HUID कोड की जांच: ऐसे करें असली और नकली सोने की सटीक पहचान
बीआईएस (BIS) मानकों के अनुसार सोने की पहचान के नियम:
- अनिवार्य तीन निशान: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमानुसार किसी भी असली सोने के आभूषण पर तीन प्रमुख निशान होने अनिवार्य हैं—बीआईएस का आधिकारिक लोगो, कैरेट में शुद्धता (जैसे 22K916 या 18K750), और 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड (Hallmark Unique Identification)।
- BIS Care ऐप का करें उपयोग: केवल दुकान पर कोड देखकर आंख मूंदकर भरोसा न करें। आप अपने स्मार्टफोन में सरकार का आधिकारिक ‘BIS Care’ ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप में ज्वेलरी पर दिया गया 6 अंकों का HUID कोड दर्ज करके आप मिनटों में यह चेक कर सकते हैं कि वह आभूषण असली है या नहीं, उसकी शुद्धता कितनी है और उसे किस हॉलमार्क सेंटर पर प्रमाणित किया गया है।

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