कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वेटिकन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गद्दी संभालने के महज 17 महीने के भीतर ही पोप लियो को फेफड़ों का कैंसर डिटेक्ट हुआ है। मंगलवार को फेफड़े के दाएं भाग में एक गांठ की सर्जरी के दौरान इस बीमारी का पता चला। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक पोप लियो अभी खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
🩺 कौन सा कैंसर है और क्या बोले विशेषज्ञ? जानिए मेडिकल बुलेटिन की मुख्य बातें
वेटिकन के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पोप लियो के दाहिने फेफड़े का एक हिस्सा निकालने के बाद जांच में फेफड़ों के एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma) का पता चला है, जो फेफड़ों के कैंसर का एक सामान्य रूप है। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय अस्पताल के हेमेटोलॉजी-ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. स्टीफन लियू के अनुसार, यदि यह शुरुआती चरण का छोटा कैंसर है और इससे लिम्फ नोड्स प्रभावित नहीं हैं, तो केवल सर्जरी के जरिए ही इसका सफल इलाज संभव हो सकता है। 71 वर्षीय पोप लियो के स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर के कैथोलिक श्रद्धालुओं में चिंता की लहर है।
📅 20 अक्टूबर तक पोप के सभी कार्यक्रम रद्द, वेटिकन में दैनिक कार्य रहेंगे जारी
स्वास्थ्य लाभ और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए वेटिकन ने घोषणा की है कि पोप लियो 20 अक्टूबर तक अस्पताल में ही विश्राम करेंगे। इसे देखते हुए उनके सभी आगामी सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। वेटिकन के नियमों के अनुसार पोप के अस्वस्थ होने की स्थिति में कोई अंतरिम उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं किया जाता है, और इस दौरान उनके निजी फैसलों को छोड़कर वेटिकन के सामान्य दैनिक प्रशासनिक कार्य नियमित रूप से चलते रहते हैं।

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