पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच सियासी जंग एक बार फिर चरम पर पहुँच गई है। खैबर पख्तूनख्वाह (KPK) में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की एकमात्र प्रांतीय सरकार को सस्पेंड कर दिया गया है। सरकार के मुखिया सोहेल अफरीदी सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। यह सख्त कदम तब उठाया गया जब सोहेल अफरीदी, इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से रिहा कराने के लिए पूरे पाकिस्तान में एक बड़ा जन-आंदोलन और पैदल यात्रा शुरू करने वाले थे।
🚓 पंजाब पुलिस का मुख्यालय के आदेश मानने से इनकार: 40 हजार पुलिसकर्मियों को खैबर भेजने की योजना पर भड़का गुस्सा
रावलपिंडी से आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ सरकार और सेना की योजना पंजाब प्रांत से लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को इमरान खान के गढ़ माने जाने वाले खैबर पख्तूनख्वाह में तैनात करने की है। हालाँकि, पंजाब पुलिस के जवानों ने इस आदेश का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि पूर्व में बाहरी इलाकों में ड्यूटी के दौरान उन्हें न तो बुनियादी सुविधाएँ दी गईं और न ही सही भोजन मिला। दूषित और बासी खाना खाने से 5 पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में जवानों ने साफ़ कह दिया है कि वे मुख्यालय के इस गैर-वाजिब फरमान को नहीं मानेंगे।
💣 खैबर में ही क्यों तैनात की जा रही है पंजाब पुलिस? सरकार की बढ़ी चिंताएँ
गौरतलब है कि 2024 के आम चुनावों में खैबर पख्तूनख्वाह ही एकमात्र ऐसा प्रांत था जहाँ शहबाज शरीफ और सेना का गठबंधन नाकाम रहा था और वहाँ पीटीआई की सरकार बनी थी। शहबाज सरकार का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस आतंकियों के प्रति नरम रुख रखते हैं, इसलिए उन्हें खैबर की स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। यही वजह है कि मरियम नवाज के शासन वाले पंजाब प्रांत से पुलिसबल भेजने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि, पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक (IG) ने अभी अंतिम निर्णय न होने की बात कही है, लेकिन पुलिस बल के भीतर उठते बगावती सुरों ने सरकार की नींद उड़ा दी है।

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