राजधानी भोपाल में प्रतिदिन सीवेज से 36 करोड़ लीटर से अधिक पानी को ट्रीट तो किया जा रहा है, लेकिन इसके सीमित उपयोग के कारण इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब इस स्थिति को बदलते हुए भोपाल नगर निगम ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले उपचारित पानी को सीधे औद्योगिक इकाइयों (फैक्ट्रियों) तक पहुँचाने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। भोपाल में यह पहला मौका होगा जब एसटीपी के ट्रीटेड वाटर का उपयोग बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, जिससे भूजल और पेयजल के प्राकृतिक स्रोतों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
🏭 कोलार के सतगढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया से होगी शुरुआत: सनखेड़ी एसटीपी से बिछेगी 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन
इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत कोलार क्षेत्र के सतगढ़ी में विकसित हो रहे नए इंडस्ट्रियल एरिया से की जाएगी। योजना के तहत सनखेड़ी एसटीपी से रोजाना 20 लाख लीटर (2 एमएलडी) ट्रीटेड वाटर उद्योगों तक पहुँचाया जाएगा। इस पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगभग 11 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि शहर के विभिन्न एसटीपी और पंप हाउस के जरिए रोजाना लगभग 204 एमएलडी पानी उपचारित किया जा रहा है, जिसका उपयोग अभी तक केवल पार्कों, सड़कों पर छिड़काव और पौधरोपण तक सीमित था।
📈 गोविंदापुरा और मंडीदीप तक विस्तार की योजना: जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने पर भी जोर
नगर निगम के इस चरणबद्ध प्रोजेक्ट के तहत आने वाले समय में गोविंदपुरा और मंडीदीप जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में भी ट्रीटेड वाटर की सप्लाई करने की योजना है, जिससे उद्योगों में साफ पानी की भारी मांग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में रोजाना निकलने वाले 360 एमएलडी सीवेज में से अभी भी करीब 156 एमएलडी पानी का उपचार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सतगढ़ी क्षेत्र में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मद्देनजर जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और ट्रीटमेंट क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में यह कदम बेहद अहम साबित होगा।

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