रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय ‘जवाहरलाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता’ के दूसरे दिन रविवार को भी खेल के मैदानों पर खिलाड़ियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुँची स्कूली टीमों के बालक व बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। विशेष रूप से राज्य के दूर-दराज़ और ग्रामीण अंचलों से आए उभरते खिलाड़ियों के लिए यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अपनी नैसर्गिक खेल प्रतिभा को राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने का एक स्वर्णिम मंच बनकर उभरी है।
🏟️ तीन प्रमुख खेल परिसरों में हो रहे हैं मुकाबले: जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बरियातू में मैच जारी
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के तत्वावधान में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश भर के विभिन्न जिलों की सर्वश्रेष्ठ टीमें तीन अलग-अलग आयु वर्गों में खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
प्रतियोगिता के तमाम मैच रांची के प्रतिष्ठित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम (मोरहाबादी) तथा ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ (बरियातू) के आधुनिक मैदानों पर खेले जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों की सुविधा और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है।
🌟 ‘स्कूली खेल प्रतियोगिताएं आगे बढ़ने की मुख्य कड़ी’: ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों ने बयां किया अपना अनुभव
प्रतियोगिता के दूसरे दिन मैदान में उतरे कई ग्रामीण प्रतिभागी खिलाड़ियों ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि सीधे राज्य खेल विभाग से जुड़कर नियमित प्रशिक्षण और बड़े मुकाबलों तक पहुँच बना पाना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
ऐसे में शिक्षा विभाग और खेल तंत्र द्वारा स्कूली स्तर पर आयोजित की जाने वाली यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता उन्हें आगे बढ़ने और अपनी क्षमता साबित करने का बेहतरीन अवसर दे रही है। खिलाड़ियों का मानना है कि इस मंच के माध्यम से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अपना सपना साकार कर सकते हैं।
🤝 शिक्षा और खेल तंत्र में बेहतर समन्वय जरूरी: कोच और खेल विशेषज्ञों ने प्रतिभाओं के चयन पर दिया जोर
प्रतियोगिता स्थल पर मौजूद वरिष्ठ कोच, मैच रेफरी और खेल प्रबंधकों ने भी स्कूली शिक्षा विभाग और खेल संघों के बीच बेहतर समन्वय को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही समय पर सही दिशा और मंच नहीं मिल पाता। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल स्तर से ही ऐसी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं के ज़रिए होनहार खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन मुहैया कराए जाने चाहिए।
🏆 अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रीय मंच की राह: विजेता टीम दिल्ली में खेलेगी राष्ट्रीय नेहरू कप
खेल प्रशिक्षकों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजनों से खिलाड़ियों में केवल जीत-हार की भावना ही विकसित नहीं होती, बल्कि उनमें कड़ा अनुशासन, आपसी सामंजस्य, टीम वर्क और दबाव में खेलने का व्यावहारिक अनुभव भी पैदा होता है।
उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में अंडर-15 बालक, अंडर-17 बालिका और अंडर-17 बालक वर्ग के रोमांचक मैच खेले जा रहे हैं, जो 21 सितंबर तक जारी रहेंगे। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की विजेता टीमें राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित ‘नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता’ में झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी।

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