सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में 2 घंटे के अंदर पटाखे जलाने को अनुमति देकर कई तरह के सवालों को हवा दे दी है। इनमें सबसे पहले और बड़ा सवाल तो यही है कि जो मियाद सुप्रीम कोर्ट ने रखी है उस पर अमल करवाने के लिए क्यों कोई एजेंसी है। यदि है तो क्या वह दिल्ली में 2 घंटे के बाद या पहले छोड़े-जाने वाले पटाखों को रोक सकती है। वहीं एक दूसरा अहम सवाल ये भी है कि जिन ग्रीन पटाखों को छोड़े जाने की बात सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उसके बारे में पटाखा व्यापारी जानते तक नहीं हैं। तीसरा सवाल ये भी है कि जिस समय यह आदेश आया है तब तक करोड़ों का पटाखा तैयार किया जा चुका है और बाजार में पहुंच भी चुका है, ऐसे में इस समय इस तरह के आदेश आने का कितना असर होगा यह सभी जानते हैं। आपको यहां पर ये भी बता दें कि देश में पटाखा कारोबार करीब बीस हजार करोड़ रुपए का है। इसमें करीब 5 हजार करोड़ की आतिशबाजी चीन से भी आती है। इसको बनाने का ज्यादातर काम असंगठित क्षेत्र में ही होता है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, प्रशासन कैसे करवाऐगा अमल

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