बैंक को न सिर्फ केवाईसी नॉर्म्स फॉलो करने चाहिए, बल्कि धोखाधड़ी रोकने के लिए इम्पलॉईज का भी वेरिफिकेशन करना चाहिए। हाल में जारी हुए मैन्युअल में सेंट्रल विजलेंस कमीशन ने यह बात बैंकों से कही। धोखाधड़ी के कई मामलों में बैंक इम्पलॉई या किसी तरह उनसे जुड़े लोग शामिल रहे हैं। गौरतलब है कि पहली बार विजिलेंस मैन्युअल में बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों को शामिल किया गया है। 2015 के पिछले मैन्युअल में सरकारी अफसरों के बीच भ्रष्टाचार रोकने पर जोर दिया था।
सीवीसी ने कहा कि बैंक को इंटरर्नल इंक्वायरी के जरिए अपने इम्प्लॉई और पार्टनर्स का वेरिफिकेशन करना चाहिए। आजकल बैंकों का ज्यादातर काम पार्टनर, एजेंट और वेंडर्स के हवाले है। ऐसे में आउटसोर्सिंग के लिए भरोमंद एजेंसियों को हायर किया जाए। इसके साथ ही कई तरह के लॉजिस्टिक और डाटा मैनेजमेंट थर्ड पार्टियों को दिए गए हैं। अगर बैंक धोखाधड़ी रोकना चाहती है तो आपको सही पार्टनर चुनने के लिए बेहतर मैकेनिज्म की जरूरत होगी।
बैंक धोखाधड़ी रोकने के लिए अब इम्प्लॉई की भी करे जांच : सीवीसी

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