भारतीय रेलवे के टिकट चेकरों को उनको खोया सम्मान वापस मिल सकता है। स्वतंत्रता सेनानियों की मदद के लिए 87 साल पहले अंग्रेजो ने देश के टिकट चेकरों से विशेष दर्जा छीन लिया था। अगर सरकार द्वारा गठित एक समिति इसे मंजूरी देती है तो इन्हें जल्द ही रेलवे की रनिंग स्टाफ की पोजिशन वापस मिल सकती है।
लोको ड्राइवर, सहायक लोको ड्राइवर, गार्ड, ब्रेकमैन और अन्य जो ट्रेन की आवाजाही में मदद करते हैं, ये सभी रनिंग स्टाफ श्रेणी में आते हैं और इन्हें उच्च-वातानुकूलित विश्रामगृहों में ठहरने जैसे कई लाभ मिलते हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि टिकट चेकर्स भी इस विशेष दर्जे में शामिल थे, लेकिन 1931 में स्वतंत्रता सेनानियों को ट्रेनों में सीट मुहैया कराने और उनकी खेपों को एक गंतव्य से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद करने के आरोप में इसे छीन लिया गया था।
टिकट चेकरों को 87 साल बाद वापस मिल सकता है खोया सम्मान

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