देश भर में जारी लॉकडाउन के बीच सबसे अधिक दिक्कत अपने घरों से दूर रहने वाले लोगों के सामने आ रही है। मजदूरों के साथ-साथ छात्रों की हालत भी खराब होती जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों छात्र राजस्थान के कोटा में फंसे हुए हैं।
मीडिया में खबर आने के बाद छात्रों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आयी है। सरकार ने छात्रों को वापस अपने राज्य लाने की योजना बनाई है। सरकार ने फैसला किया है कि आगरा से 200 बसें कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए जाएंगी।
आगरा में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये बसें कोटा में फंसे बच्चों को वापस लाने के लिए भेजी जा रही हैं। हम खाने का सामान, पानी की बोतलें, मास्क और सैनिटाइजर भी भेज रहे हैं। प्रत्येक बस में 25 बच्चे आ सकेंगे। कुछ बसें झांसी से भी भेजी जाएंगी।
लगभग 30 लाख की आबादी वाला कोटा शहर इंजीनियरिंग और मेडिकल में दाखिला लेने के लिए तैयारी कराने वाले संस्थानों का गढ़ माना जाता है जहां बड़ी संख्या में छात्र हर साल पहुंचते हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अन्य राज्यों को भी अपने छात्रों को वापस ले जाने का इंतजाम करना चाहिए।
देश में कोरोनावायरस का पहला मामला सामने आने के करीब 2 महीने बाद सरकार ने 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी जिससे लाखों मजदूरों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में उनका पलायन अपने घरों की ओर शुरू हो गया था। कई तो सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल की तय करने निकल पड़े।
लॉकडाउन में शिक्षण संस्थान भी बंद हैं और ऐसे में छात्रों का क्लास जाना संभव नहीं है। कई राज्यों ने ऐसे में छात्रों को बिना परीक्षा ही अगली क्लास में भेजने का निर्णय किया है जबकि कई स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन क्लास भी करवा रहे हैं।

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