April 21, 2026

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YOGA DAY : आधुनिकता के साथ योग का बदला स्वरूप

योगा लोगों में काफी लोकप्रिय हो गया है, लेकिन इसमें कुछ बदलाव किए जा चुके है जिसकी लोकपियता भारत के प्राचीन योगा से थोड़ी ज्यादा बड गई हे, जिसे आज कल पॉवर योगा के नाम से जाना जा रहा है। यहीं नहीं जो लोग अपने बढ़े हुए वजन को कम करना चाहते हैं, उनके मध्य भी योग का यह परिवर्तित रूप काफी लोकप्रिय है।
1990 के दशक में अमेरिका में बेरिल बेंडर वर्क और ब्राएन केस्ट ने पावर योगा की शुरुआत की थी। अब इसे संयोग ही कहें कि इन दोनों अमेरिकन पावर योगा गुरुओं ने भारत के अष्टांग योग विशेषज्ञ पट्टाभि जॉइस से शिक्षा. प्रशिक्षण हासिल किया था।
योग विशेषज्ञों के एक वर्ग का कहना है कि पावर योग की उत्पत्ति अष्टांग योग से ही हुई है। भारतीय योग के कुछ विशिष्ट योगासनों और सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप्स को मिलाकर पावर योग निर्मित किया गया है। वहीं योग विशेषज्ञों का कहना है कि पावर योगा की अष्टांग योग से ही उत्पत्ति हुई है, लेकिन पावर योगा अष्टांग योग नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अष्टांग योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, इंद्रियों पर नियंत्रण, धारणा ध्यान और समाधि को शामिल किया जाता है। जबकि पावर योग में सिर्फ कुछ विशिष्ट श्रमसाध्य आसनों को ही शामिल किया जाता है।
पावर योग में आसन ही किए जाते हैं, लेकिन उन्हें शक्ति और स्पीड के साथ किया जाता है। अष्टांग योग के आसन धीरे-धीरे किए जाते हैं और इनमें सांस-प्रश्वास की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाता है, दो आसनों के मध्य शवासन भी कर सकते हैं, लेकिन पावर योगा के साथ ऐसी बात नहीं। इस योगा के आसनों को तेजी से किया जाता है। पावर योगा के आसन कहीं ज्यादा श्रमसाध्य होते हैं।

पावर योगा के भी है फायदा जो आज की लाइफ स्टाइल को आ रहे पसंद
पावर योगा करने से तनाव कम होता है। शरीर से अतिरिक्त पसीना निकलने से देह को नुकसान पहुंचाने वाले टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं, जिससे आपका शरीर तनावमुक्त हो जाता है और एकाग्रता बढ़ जाती है। पावर योगा 16-25 साल तक के युवक और युवतियों के लिए कुछ ज्यादा ही उपयुक्त माना गया है।
वहीं इसके लिए सावधानियां बरतने की भी आवश्यकता है। हृदय रोगियों और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को पावर योगा नहीं करना चाहिए। इसी तरह गर्भवती महिलाओं को इस योगा को नहीं करना चाहिए। पहले से ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ लोगों खासकर युवा वर्ग के लिए उपयुक्त माना गया है। बुजुर्गों के लिए यह योगा उपयुक्त नहीं है। साथ ही जो लोग जिम नहीं जाना चाहते हैं, उनके लिए पावर योगा उपयुक्त है, लेकिन जरूरी है कि पावर योगा के अंत में शवासन और मेडिटेशन किया जाए।

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