खरगोन: हमारे देश मे आज भी लोग अंध विश्वास में लगे हुए हैं। आज का युग विज्ञान आ युग है बावजूद लोग अंध विश्वास में इस कदर खोये हुए है कि अपनी और अपने परिजनों की जान से हाथ तक धोना पड़ता हैं। ऐसा ही मामला मप्र के खरगोन जिले के झिरन्या से सामने आया है जहाँ शासकीय अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित युवती का ओझा से झाड़फूंक करवाई गई और युवती की जान चली गईं।
दरअसल खरगोन जिले के झिरन्या के शासकीय अस्पताल में लापरवाही की बडी तस्वीर सामने आई है। अंधविश्वास के चलते अस्पताल में सर्पदंश पीडिता एक युवती का दो घन्टे तक ओझा झाडफूंक करता रहा। लापरवाही के चलते युवती की मौत हो गई।
शासकीय अस्पताल में 17 वर्षीय युवती आशा खतवासे की झाड फूंक करते विडियो सामने आ रहा है। झिरन्या के इंदिरा नगर निवासी 17 वर्षीय आशा पिता राजू को घर में काम करने के दौरान सांप ने काट लिया था। अंधविश्वास के चलते परिजन दो घन्टे तक अस्पताल में ओझा से झाड फूंक कराते रहे। हालात बिगडने पर झिरन्या से जिला अस्पताल खरगोन रैफर कर किया गया, लेकिन बीच रास्ते में युवती ने दम तोड दिया। इसमे अस्पताल प्रबंधन की बडी लापरवाही सामने आ रही है।
इधर स्वास्थ्य महकमे के लोगो का कहना है की अंधविश्वास के चलते ओझा से परिजन झाड फूंक कराने ले आये थे। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे परिजनों और ग्रामीणों में जमकर आक्रोश है। इधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है की ओझा को झाडफूंक रोकने पर ग्रामीण और परिजन विरोध कर रहे थे। हालांकि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा सरकार करती हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लचर स्वास्थ्य सुविधा ये तस्वीर सामने ला रही है।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डी सी चौहान का कहना है की झिरन्या का मामला संज्ञान में है। सर्पदंश पीडित युवती आशा पिता राजू को अस्पताल पहुंचते ही झिरन्या से खरगोन अस्पताल के लिये डाॅक्टरो ने रैफर कर दिया था। लेकिन अंधविश्वास के चलते परिजन और ग्रामीण झाड फूंक कराते रहे। अस्पताल में झाडफूंक का मना भी किया। खरगोन ले जाने का बोला लेकिन परिजन नही माने। परिजनों और ग्रामीणों के विरोध के चलते अंध विश्वास को अस्पताल प्रबंधन नही रोक पाया। बीएमओ ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की बाद में हालात बिगडने से खरगोन रैफर किया गया, लेकिन रास्ते में मौत हो गई। लापरवाही नही अंधविश्वास के चलते युवती की मौत हुई है। सीएमएचओ आमजन से स्वास्थ्य के मामले में अंधविश्वास नही करने की अपील भी कर रहे है। झिरन्या अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन और आवश्यक उपचार को लेकर सीएमएचओ डाॅ चौहान का कहना है की इंजेक्शन अस्पताल में था लेकिन मामला गंभीर होने पर खरगोन रैफर किया गया था। परिजनो पर अंधविश्वास भारी था। ओझा को रोकने के दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया।

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