2000 रुपए से ज्यादा के UPI पर जब से चार्ज लगाने का ऐलान किया गया. तब से ये पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है. हालाँकि सरकार ने साफ कर दिया है कि ये चार्ज आम जनता की जेब से नहीं लिया जाएगा. इसी कड़ी में पेट्रोल पंप से 2000 रुपए से ज्यादा के पेट्रोल या डीजल भरवाने पर 5 रुपए का फिक्स चार्ज लगाने की घोषणा की गई. इसके बाद से ये पेट्रोल पंप मालिकों के लिए सिरदर्द बन गया. पंजाब, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के पेट्रोल पंप मालिकों ने साफ कर दिया हम अपने पेट्रोल पंप पर 2000 रुपए से ज्यादा के पेट्रोल-डीजल पर UPI ट्रांजैक्शन स्वीकार नहीं करेंगे.
अब यहां बड़ा सवाल है कि जब पेट्रोल-डीजल से रोजाना लाखों में इनकी कमाई होती है. तो क्या 5 रुपए के चार्ज से इनके जेब पर कितना असर पड़ेगा जो ये लोग UPI ट्रांजैक्शन को मना कर रहे है. टीवी 9 डिजिटल ने इसकी पूरी पड़ताल की कि आखिर 5 रुपया का चार्ज इन पेट्रोल पंपों के लिए कितना भारी पड़ सकता है. आइए समझते हैं क्या है इसका पूरा गणित …
एमडीएआर पर पेट्रोल पंप डीलर्स की डिमांड?
पिछले हफ्ते ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने पेमेंट प्रोसेसिंग की कॉस्ट के मामले में दखल की मांग करते हुए वित्त मंत्री को पत्र लिखा था. यह पत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल की ओर से भेजा गया था. एसोसिएशन ने कहा कि पेट्रोल पंप डीलर हर ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू से जुड़े मार्जिन के बजाय फिक्स्ड मार्जिन पर काम करते हैं. लेटर में कहा गया है कि डीलर मार्जिन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की देखरेख में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा तय किए जाते हैं और ये मुख्य रूप से प्रति-लीटर के आधार पर तय होते हैं, न कि ट्रांजैक्शन वैल्यू के प्रतिशत के तौर पर.
इसमें आगे कहा गया कि इसलिए, जब ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू बढ़ती है, तो डीलरों के पास अपनी कमाई बढ़ाने का कोई तरीका नहीं होता है. एसोसिएशन के अनुसार, इन कमीशन में अक्टूबर 2017 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि बिजली, मजदूरी और रेगुलेटरी नियमों के पालन जैसी लागतें लगातार बढ़ रही हैं. एसोसिएशन ने कहा कि 5 रुपये का चार्ज भी बड़ा असर डाल सकता है क्योंकि पेट्रोल पंप हर दिन बहुत सारे ट्रांजैक्शन करते हैं. लेटर में कहा गया कि 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 5 रुपए का मामूली लगने वाला फिक्स्ड चार्ज भी कुल मिलाकर काफी असर डालेगा.
एसोसिएशन ने कहा कि पेमेंट के तरीके से फ्यूल ट्रांजैक्शन का नेचर नहीं बदलता. उन्होंने पहले के उन मामलों का भी जिक्र किया जब सरकार ने फ्यूल ट्रांजैक्शन के अलग नेचर को माना था और कार्ड पेमेंट पर छूट दी थी. डीलरों का कहना है कि यही नियम UPI पेमेंट पर भी लागू होना चाहिए. लेटर में यह भी चेतावनी दी गई है कि इन चार्जेज की वजह से ऐसी स्थिति बन सकती है जिसमें डीलर अपने मार्जिन को बचाने के लिए एक निश्चित राशि से ज्यादा के UPI पेमेंट को हतोत्साहित या सीमित कर सकते हैं.
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि रिटेल पेट्रोल पंपों को सभी UPI पेमेंट पर MDR और उससे जुड़े ट्रांजैक्शन चार्जेज से पूरी तरह छूट दी जाए, चाहे राशि कितनी भी हो. अगर कोई सामान्य सीमा रखी जाती है, तो उन्होंने फ्यूल रिटेलर्स के लिए 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर फीसदी-बेस्ड MDR और प्रति-ट्रांजैक्शन फिक्स्ड चार्जेज, दोनों से खास राहत की मांग की है. एसोसिएशन ने कहा कि डिजिटल पेमेंट ने फ्यूल की खरीद को ज्यादा सुविधाजनक और पारदर्शी बनाया है और साथ ही ऑपरेशनल क्षमता में भी सुधार किया है, इसलिए डीलरों को इनकी सुविधा देने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना चाहिए.
इस गणित से समझें नफा-नुकसान
पेट्रोल पंप पर 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 5 रुपए का चार्ज लगना है. उससे पंप डीलर्स को कितना नुकसान और फायदा होगा. इसे उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं. पेट्रोल पंपों को प्रति लीटर के हिसाब से कमीशन मिलता है. दिल्ली में पेट्रोल पर डीलर्स का प्रति लीटर कमीशन 4.41 रुपए औसत है. कोई कस्टमर 3000 रुपए का पेट्रोल डलवाता है तो उसे 29.37 लीटर पेट्रोल मिलेगा. इसका मतलब है कि प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल पंप का इस ट्रांजेक्शन से कमीशन 129.55 रुपए बन जाएगा.
कस्टमर 3000 रुपए का यूपीआई करता है तो डीलर को 5 रुपए का एमडीआर देना होगा. उसके बाद भी डीलर को 124.55 रुपए का कमीशन इस ट्रांजेक्शन से बच जाएगा. इसी तरह से पेट्रोल पंप औसतन 3000 हजार रुपए के 40 ट्रांजेक्शन भी दिन भर करता है तो उसे 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन हिसाब से 200 रुपए ही देने होंगे. उसके बाद भी डीलर्स के पास कमीशन के रूप में 4982 रुपए बच जाएगा.
एनपीसीआई ने क्या किया था ऐलान
एनसीपीआई के आदेश के अनुसार देश के हरेक पेट्रोल पंप पर 2000 रुपए तक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. अगर कोई पंप 2000 रुपए से ज्यादा का यूपीआई पेमेंट लेता है तो डीलर को 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन तक का चार्ज देना होगा. एनपीसीआई के अनुसार इस चार्ज को कस्टमर पर नहीं थोपा जा सकता है. इसका वहन पूरी तरह से डीलर को ही करना होगा.

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