उज्जैन: उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आज रविवार को जिला ग्रन्थालय के सभागार में उपस्थित 150 विद्यार्थियो को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय प्रबंधन पर संवाद कर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कलेक्टर सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि सभी विद्यार्थी परीक्षा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय का उचित प्रबंधन करें । प्रश्न पत्र समय सीमा में हर करने के लिए प्रैक्टिकल पुराने प्रश्न पत्र को हल करने की प्रेक्टिस करें। पूरी ईमानदारी के साथ मॉक पेपर करे। परीक्षा में हैंड राइटिंग पर विशेष ध्यान दें , भले ही हैंड राइटिंग कुछ कम अच्छी हो तो भी साफ साफ लिखें , एक शब्द से दूसरे शब्द में पर्याप्त स्पेस हो । यह सोच को भी बदलें कि बड़े महानगरों के विद्यार्थियों का ही चयन होगा, ऐसा नहीं है, कई ऐसे सफल विद्यार्थि उदाहरण हैं जो गांवों व छोटे शहरों से निकल कर आए हैं । आपको भरोसा होना चाहिए कि मैं यह कर सकता हुं या कर सकती हूं । अपनी कमियों को दूर करें । जो उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करें । अपनी कमीयों के साथ आपको अपनी सक्सेस स्टोरी लिखनी होगी ।
कलेक्टर सिंह ने बताया कि उनके एक मित्र थे, कई परीक्षाएं दीं पर सफल नहीं हुए ओर घर जा रहे थे । तब उनके रूम मेट ने उन्हें रोका और कहा कि मैं रूम का किराया दूंगा तुम मत जाओ । वे आगे IAS की परीक्षा देकर चयनित हो गए । यह एक उदाहरण हे । अर्थात किसी भी स्टेज पर सफल होने के लिए सोच बदलना होगी लक्ष्य के लिए । इसमें खेल का उदाहरण भी ले सकते हैं , 2007 का वर्ल्ड कप जिसमे भारतीय क्रिकेट टीम अंतिम ओवर में जीती। सभी अपने जीवन के प्रतिदिन के 24 घंटे का उपयोग करें , सोचें और अपने हिसाब से पैटर्न बनाएं जो आपको सूट करती हो ।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि वे रात्रि को पढ़ाई में विश्वास रखते थे। परीक्षा के पूर्व परीक्षा के समय अनुसार 15 दिन पहले अपना टाइम टेबल बनाए और उस अनुसार पालन करें ताकि पेपर के पहले आप एक्टिव रहें और अपना बेस्ट दो।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि जब वे IAS की तैयारी कर रहे थे तो 2 वर्ष तक अपने घर नहीं गये और IAS की परीक्षा की तैयारी की। केवल मोमेंटम बनाए रखने के लिए आपको केवल पढ़ाई में ध्यान रखना चाहिए । कुछ समय रिक्रीएशियन भी करें , कम से कम 1 घंटे । इससे आपका मेंटल स्ट्रेस कम होगा । विद्यार्थी ग्रुप डिस्कशन भी करें । आपके आस पास जो भी सफल हो उनके उदाहरण को आत्मसात भी करें । एक महिला जो हैंडीकेप्ट थीं वो भी IAS में सफल हुई , जो प्रेरणा आज भी मेरे लिए है। अगले बार का प्लान भी विषय अनुसार करें।
कलेक्टर सिंह ने उपस्थित बच्चों से चर्चा कर उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए । छात्र अपूर्व ने पेपर लिखने का समय प्रबंधन का प्रश्न किया तो कलेक्टर ने कहा कोई ऐसा स्थान तय करें जहां डिस्टर्ब न हो । अपने लक्ष्य के प्रति क्लेरिटी रखें । शॉर्ट नोट्स भी तैयार करे।
सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट ने एंट्रोपलजी पर किस तरह तैयारी करें इस बारे में जानकारी दी । पूर्व का प्रश्नों को सभी तैयारी में शामिल कर छोटा जीस्ट बनाए । छात्रा साक्षी ने प्रयास में विश्वास की कमी बताई । इस पर कलेक्टर सिंह ने कहा कि आपको अपने आप पर भरोसा रखना होगा । परीक्षा के डर से निकलना पड़ेगा । खुद की तैयारी पर विश्वास करें, टेस्ट सीरीज हल करें । रिविजन को अच्छी तरह प्लान करें। आप सलेक्टेड को रिवाइज करें । यह प्रश्न हल करने से ही आता हे । छात्र मोहनीश ने पूछा एग्जाम बहुत सारे होते हैं, उन्हें कैसे अटेम्प्ट करें। इस पर कलेक्टर सिंह ने कहा कि अपने सिलेबस के अनुसार सभी मिलती जुलती परीक्षाएं दे । बस यह ध्यान रखें मूल विषय से नहीं भटके। एक बंद कमरे में पढ़ें लक्ष्य तय करें , विश्वास रखें, नेगेटिविटी नहीं रखें । एक विद्यार्थी के करेंट अफेयर की तैयारी पर प्रश्न किया । इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नियमित रूप से पेपर पढ़ें , उसमें धनात्मक खबरें ही पढ़ें , राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बड़ी घटनाओं को नियमित रूप में वॉच करें। सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट ने जानकारी दी कि यूपीएससी परीक्षा में प्री ओर मेंस के मैनेजमेंट में दोनों के लिए विशेष ध्यान रखें । प्री के एक माह पहले प्री के विषय पर कंसंट्रेट करें । फिर मैंस के लिए जाए । डीईओ आनंद शर्मा ने बताया कि अब से प्रत्येक शनिवार को कोई न कोई अधिकारी बच्चों को प्रेरित करेंगे । इस अवसर पर एडीपीसी गिरीश तिवारी, व अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे ।

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