मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। यहां गढ़ीमलेहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऊजरा गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज आंधी-तूफान के बीच एक दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस भयानक हादसे में घर के अंदर सो रहे तीन लोग मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से एक बुजुर्ग महिला और उसकी मासूम पोती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गनीमत यह रही कि मलबे से एक आठ साल के बच्चे को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
🌧️ लगातार भारी बारिश से कमजोर हुई थी मकान की नींव, देर रात हुआ बड़ा हादसा
यह दुखद घटना सोमवार की देर रात की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से ही क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण मकान की नींव में पानी भर गया और उसकी दीवारें काफी कमजोर हो गईं। इसी दौरान तेज आंधी-तूफान चलने से वह कमजोर दीवारें अचानक ढह गईं और देखते ही देखते पूरा दो मंजिला मकान मलबे के ढेर में बदल गया। हादसे के वक्त परिवार के अधिकतर सदस्य घर के अंदर सो रहे थे, हालांकि कुछ लोग समय रहते बाहर निकलने में सफल हो गए, लेकिन दादी, पोती और एक 8 साल का बच्चा अंदर मलबे में फंस गए।
👥 पड़ोसियों की सूझबूझ से बची आठ साल के मासूम बच्चे की जान, मची चीख-पुकार
हादसे के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के तमाम पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े और बिना वक्त गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया, लेकिन तब तक मलबे में दबी दादी और पोती की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि मलबे में दबे 8 साल के बच्चे की सांसें चल रही थीं, जिसे तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं, जिसका इलाज जारी है।
👮♂️ मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम, जांच के बाद पीड़ित परिवार को मिलेगी सहायता
इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ीमलेहरा थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने मलबे से दोनों शवों को बाहर निकलवाकर उनका पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित शोकाकुल परिवार को शासन के नियमों के तहत मुख्यमंत्री राहत कोष से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

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