September 30, 2026

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Simhastha 2028 Ujjain Controversy: मस्जिद का एक हिस्सा गिराने पर गरमाई सियासत, मोहसिन खान बोले- लोकतांत्रिक तरीके से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के दौरान शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे विवाद के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और सरगर्मी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान और उनकी टीम को उज्जैन पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिन्हें करीब 15 घंटे की पूछताछ और नजरबंदी के बाद रिहा किया गया। उज्जैन से भोपाल लौटने के बाद मोहसिन खान ने प्रदेश की मोहन सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

🛑 ‘सिंहस्थ के नाम पर मस्जिदों को नहीं किया जा सकता ध्वस्त’, मोहसिन खान बोले- एक ईंट हटना भी पूरी मस्जिद गिराने जैसा

भोपाल पहुंचने के बाद एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे अपनी टीम के साथ उज्जैन पहुंचे थे, लेकिन वहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया। उन्हें करीब 15 घंटे तक डिटेन करके रखा गया और इस दौरान यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें किस थाने में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के नाम पर किसी भी धार्मिक स्थल या मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया जा सकता। यदि मस्जिद की संरचना का विवादित हिस्सा महज तीन फीट का भी है, तो उसे जमींदोज करने से कौन सा विकास हो जाएगा? उन्होंने दावा किया कि मस्जिद की एक ईंट भी हटना उनके लिए पूरी इमारत को गिराने के समान है और वर्ष 1961 में भी निर्माण के नाम पर ऐसी ही बातें सामने आई थीं।

⚖️ उज्जैन शहर काजी और वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पर उठाए सवाल, 100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का किया दावा

मोहसिन खान ने उज्जैन के शहर काजी खलिक-उर-रहमान और मुस्लिम समाज के कुछ अन्य प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि काजी साहब ने कथित तौर पर सरकार के साथ गुप्त बैठक की और बाद में समाज के लोगों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि मस्जिद हटाने की अनुमति दे दी गई, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों की भावनाओं का सौदा किया गया है। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पूरी तरह से पार्टी हित में काम कर रहे हैं और 5 एकड़ से अधिक वक्फ जमीन सिंहस्थ के नाम पर सौंप दी गई है। उन्होंने दावा किया कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है और थाने में एक मुफ्ती के दोनों हाथ तक तोड़ दिए गए।

🏛️ हाईकोर्ट के फैसले से पहले कार्रवाई पर सवाल, जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

एआईएमआईएम नेता ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले में 28 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई तय थी, तो सुनवाई से ठीक पहले रातों-रात मस्जिद तोड़ने की अनुमति क्यों दी गई? मोहसिन खान ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय के फैसलों का अध्ययन कर रही है और जरूरत पड़ी तो देश के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) तक का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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