सागर। स्वच्छ भारत संकल्प के तहत सागर नगर निगम ने ‘वेस्ट टू वंडर’ कार्यक्रम की एक अनोखी और प्रेरणादायक शुरुआत की है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र से जितना भी कबाड़ एकत्रित होता है, उससे शहर के प्रमुख चौराहों और पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पानी की पुरानी प्लास्टिक की बोतलों से पार्क में ‘प्लास्टिक दानव’ की प्रतिमा बनाकर नागरिकों को पर्यावरण नुकसान के प्रति जागरूक किया गया है, तो वहीं चौराहों पर कबाड़ से स्वच्छता के नायकों, रेडियो और अन्य आकर्षक कलाकृतियां स्थापित की गई हैं। सागर नगर निगम की इस नवाचारी पहल की केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने सराहना की है।
🤖 पार्क में वेस्ट बोतलों से बना ‘प्लास्टिक दानव’: पर्यावरण संरक्षण और कचरे के प्रति जागरूकता का संदेश
स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्मार्ट सिटी सागर को खूबसूरत बनाने तथा प्लास्टिक कचरे और अन्य कबाड़ का पुनर्चक्रण (Recycling) करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
सबसे पहले लाखा बंजारा झील के किनारे स्थित विशाल अटल पार्क में उपयोग की गई प्लास्टिक बोतलों से एक विशालकाय ‘प्लास्टिक दानव’ का निर्माण किया गया। यह कलाकृति यह संदेश देती है कि यदि इसी तरह प्लास्टिक का अनियंत्रित उपयोग होता रहा, तो यह कचरा एक दिन दानव बनकर पूरी मानव सभ्यता के लिए गंभीर संकट पैदा कर देगा।
🎨 कबाड़ से सज गए शहर के प्रमुख चौराहे: वाणिज्य कर तिराहे पर रेडियो तो बस स्टैंड के पास बने ‘स्वच्छता नायक’
इसी कड़ी में नगर निगम द्वारा कचरे और कबाड़ से सुंदर कलाकृतियां तैयार कर शहर के प्रमुख चौराहों को सजाया गया है।
- वाणिज्य कर चौराहा: यहां कबाड़ के सामान से एक विशाल विंटेज रेडियो की कलाकृति बनाई गई है।
- तीनमढ़िया (बस स्टैंड के पास): स्वच्छता कर्मियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए कबाड़ से ‘स्वच्छता के नायकों’ की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
- संजय ड्राइव: यहां विशाल ‘गदा’ की कलाकृति बनाई गई है।
- चित्रगुप्त चौराहा: यहां कबाड़ से ‘कलम-दवात’ का स्वरूप तैयार किया गया है।
- राहतगढ़ ब्रिज व शहीद कालीचरण चौराहा: राहतगढ़ ब्रिज के पास तोप तथा शहीद कालीचरण चौराहे पर ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ की शानदार प्रतिकृति स्थापित की गई है।
🎙️ रीसाइकिल और पुनः उपयोग ही मुख्य उद्देश्य: महापौर संगीता सुशील तिवारी ने बताई योजना की खासियत
नगर निगम की महापौर संगीता सुशील तिवारी ने बताया, “स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत प्लास्टिक और कबाड़ को कम करने, उनके रीसाइकिल करने और पुनः उपयोग (Reuse) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में कई नवाचार किए जा रहे हैं। प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए अटल पार्क में प्लास्टिक दानव और अलग-अलग चौराहों पर कबाड़ से कलाकृतियां बनाई गई हैं, जो शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ रीसाइकिलिंग के संदेश को भी सार्थक कर रही हैं।”

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