मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल सांची की पहाड़ी और माची क्षेत्र में पिछले एक महीने से लगातार दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार सोमवार देर रात वन विभाग के पिंजरे में कैद करने में बड़ी सफलता मिल गई। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद से स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। वन विभाग के एसडीओ रजनीश कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि सोमवार रात करीब 11:30 बजे तेंदुआ गश्त के दौरान लगाए गए पिंजरे में जा फंसा। पिछले कई हफ्तों से सांची स्तूप और आसपास के इलाकों में उसकी मूवमेंट दर्ज की जा रही थी, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी।
🥩 20 दिन से सक्रिय थीं दो विशेष टीमें: मांस के झांसे में फंसकर जाल में आया तेंदुआ
इस खतरनाक वन्यजीव को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा करीब 20 दिन पहले से ही दो विशेष टीमों का गठन किया गया था और दो बड़े पिंजरे लगाए गए थे। एक टीम जहां दिन के वक्त जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में गश्त करती थी, वहीं दूसरी टीम रातभर पिंजरों के आसपास कड़ी निगरानी रखती थी। वन अधिकारियों के अनुसार, पिंजरे के भीतर मांस का चारा रखा गया था, जिसकी खुशबू और लालच में आकर तेंदुआ आखिरकार जाल में आ फंसा। लंबी रणनीति और लगातार मॉनिटरिंग के बाद वन विभाग को यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
🌳 स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भोपाल के वन विहार भेजा गया: लोगों से सतर्क रहने की अपील
पिंजरे में कैद होने के बाद विभागीय पशु चिकित्सकों द्वारा तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसके बाद उसे पूरी सुरक्षा के बीच भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भेज दिया गया है, जहाँ से उसे किसी सुरक्षित और घने जंगल में छोड़ा जाएगा। इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के रहवासियों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में अकेले जाने से बचें और यदि भविष्य में किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें।

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