राजधानी भोपाल के ऐशबाग स्थित मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के 600 जर्जर ईडब्ल्यूएस (EWS) जनता क्वार्टरों को गिराने की पूरी तैयारी कर ली गई है। हाउसिंग बोर्ड ने यहां के रहवासियों को 13 नवंबर तक अपने मकान खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद आगामी 14 नवंबर से इन खतरनाक भवनों को तोड़ने (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस सख्त अल्टीमेटम के चलते यहां रहने वाले लगभग 600 परिवारों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। दीपावली जैसे बड़े और पावन त्योहार के ठीक बीच इस प्रकार की कार्रवाई की आशंका ने इन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है।
📋 13 नवंबर तक मकान खाली करने का अंतिम नोटिस; केवल 110 मूल आवंटी ही पाए गए वैध
हाउसिंग बोर्ड की शर्तें और स्थिति:
- अल्टीमेटम: हाउसिंग बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन 600 क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों में से केवल 110 मूल आवंटी ही वैध पाए गए हैं, जबकि लगभग 490 मकानों पर अनधिकृत रूप से लोगों का कब्जा है।
- प्रतिबंध: बोर्ड ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि 13 नवंबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद इन भवनों के भीतर रहना या अपना सामान रखना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में सभी रहवासियों को तय डेडलाइन के भीतर मकान खाली करने होंगे।
🗣️ नोटिस मिलते ही भड़के रहवासी; बोले— “बच्चों की परीक्षाएं हैं, हम बुलडोजर के सामने लेट जाएंगे”
रहवासियों का विरोध और दर्द:
- रहवासियों का आक्रोश: नोटिस मिलने के बाद स्थानीय रहवासियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि सरकार उन्हें घर के बदले तुरंत उचित घर दे, अन्यथा वे यहां से एक इंच भी नहीं हटेंगे।
- परेशानी: स्थानीय निवासी कनिजा का कहना है कि उनके बच्चों की पढ़ाई चल रही है और परीक्षाएं सिर पर हैं, ऐसे में वे छोटे बच्चों और गृहस्थी को लेकर कहां जाएं। वहीं, निवासी सीमा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें जबरन उनके घरों से बेदखल किया गया, तो वे बुलडोजर के सामने लेट जाएंगी।
- मातम का माहौल: रहवासियों का दर्द है कि जहां एक तरफ पूरा शहर दीपावली पर्व मनाने की तैयारियों में जुटा है, वहीं इस कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है। लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं और भरी सर्दी के मौसम में बेघर होने की चिंता सता रही है।
💰 110 वैध आवंटी परिवारों को मिलेगा मासिक किराया; अनधिकृत कब्जों को नहीं मिलेगा लाभ
पुनर्विकास योजना के प्रावधान:
- किराए की व्यवस्था: मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड की असिस्टेंट इंजीनियर आकांक्षा अग्रवाल ने जानकारी दी कि पुनर्विकास योजना के तहत राहत और मुआवजे का लाभ केवल मूल और वैध आवंटियों को ही प्रदान किया जाएगा। पात्र परिवारों को मकान खाली करने से पहले संबंधित कार्यालय में अपना सहमति पत्र जमा करना होगा।
- बैंक खातों में राशि: इसके बाद नियमानुसार कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर उन्हें मासिक किराया दिया जाएगा। नए भवनों का निर्माण कार्य पूरा होने तक यह किराया राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
- नया फ्लैट: योजना के तहत पुराने और जर्जर मकानों को हटाकर एक आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर बनाया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद पात्र मूल आवंटियों को नए फ्लैट आवंटित किए जाएंगे, जबकि अनधिकृत रूप से रह रहे करीब 490 परिवारों को न तो किराये की सुविधा मिलेगी और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया जाएगा।
🏗️ मई 2016 में ही खतरनाक घोषित हो चुके हैं क्वार्टर; अब बनेगा आधुनिक आवासीय परिसर
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नया प्रोजेक्ट:
- खतरनाक इमारतें: हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, ऐशबाग के ये जनता क्वार्टर कई दशक पुराने हैं और लंबे समय से बेहद जर्जर हालत में हैं। नगर निगम ने मई 2016 में ही इन सभी 600 भवनों को खतरनाक और जानलेवा घोषित कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में भी इन्हें खाली कराने के नोटिस दिए गए थे, लेकिन कब्जे नहीं हट सके थे।
- एमपी पुनर्विकास नीति-2022: अब मध्य प्रदेश पुनर्विकास नीति-2022 के अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड ऐशबाग की इस प्राइम जमीन को नए सिरे से विकसित करेगा। असुरक्षित भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला परिसर तैयार किया जाएगा। नियमों के मुताबिक वैध मूल आवंटियों को उनके पुराने मकान की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल वाले नए फ्लैट दिए जाएंगे।

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