April 19, 2026

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पीएम मोदी ने राष्ट्र को किया संबोधित, GST बचत उत्सव का किया ऐलान, कहा- नई दरें लागू होने से हर परिवार की बढ़ेंगी खुशियां

नईदिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 21 सितंबर को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने सोमवार से लागू होने जा रही जीएसटी 2.0 व्यवस्था और नई टैक्स दरों पर बात की। पीएम ने कहा कि कल से बचत उत्सव चालू होने जा रहा है जिसका फायदा हर किसी को मिलेगा।
त्योहार के मौसम में सभी का मुंह मीठा होगा।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कल सूर्य उदय के साथ ही GST लागू होगा। कल से बचत उत्सव चालू होने जा रहा है। इससे आपकी बचत बढ़ेगी जिससे की आप अपनी चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे। सभी को बचत उत्सव का बहुत फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि त्योहार के इस मौसम में सभी का मुंह मीठा होगा और देश के हर परिवार की खुशियां बढ़ेंगी। मैं सभी देशवासियों को इस बचत उत्सव की बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि कल से शुरू हो रहा है, आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नवरात्रि के पहले दिन से, देश आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। कल, नवरात्रि के पहले दिन, 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के GST सुधार लागू हो जाएंगे। यह GST बचत उत्सव आपकी बचत को बढ़ाएगा और आप अपनी मनचाही चीजें ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे। इस बचत उत्सव से देश के गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, दुकानदार, व्यापारी, सभी को बहुत लाभ होगा।

उन्होंने आगे कहा, ‘देश के हर परिवार की खुशियां बढ़ेंगी। मैं देश के कोटि-कोटि परिवारजनों को इस बजत उत्सव की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये कारोबार को और आसान बनाएंगे और निवेश को और आकर्षक बनाएंगे। जब साल 2017 में भारत ने GST सुधारों की ओर कदम बढ़ाया तो एक नया इतिहास रचने की शुरूआत हुई थी। दशकों तक देश की जनता अलग-अलग टैक्स के जाल में उलझी हुई थी। हमारे देश में दर्जनों टैक्स थे। उस वक्त बहुत सी रुकावटे थीं। टैक्स और टोल के जंजाल की वजह से लाखों कंपनियों और देशवासियों को अलग-अलग टैक्स के जाल की वजह से कई परेशानियां होती थी।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब आपने 2014 में हमें अवसर दिया तो हमने जनहित और राष्ट्रहित में GST को अपनी प्राथमिकता बनाया। सबको साथ लेकर, आज़ाद भारत का सबसे बड़ा कर सुधार लागू किया गया। केंद्र और राज्य के प्रयासों का ही परिणाम था कि देश दर्जनों करों के जाल से मुक्त हुआ। एक राष्ट्र, एक कर का सपना साकार हुआ। सुधार एक सतत प्रक्रिया है। जब समय बदलता है, जब देश की जरूरतें बदलती हैं, तो अगली पीढ़ी के सुधार भी उतने ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसीलिए ये नए GST सुधार लागू किए जा रहे हैं। अब केवल 5% और 18% के स्लैब होंगे यानी रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी। अब घूमना-फिरना सस्ता हो जाएगा क्योंकि ज्यादातर होटलों पर से GST कम कर दिया गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जो सामान पहले 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते थे। उसमें से 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से हो रहे बदलावों से अब महिलाओं, युवाओं, मिडिल क्लास, नियो मिडिल क्लास को बड़ी बचत होगी। उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना अब और आसान हो जाएगा।

रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, केचप, जैम, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी, एयर कंडीशनर (एसी), वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे।

अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा। जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा, क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं।

कल 22 सितंबर से 4 की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब ही प्रभावी रहेंगे। बीते दिनों हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने का फैसला किया गया था। कल से अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब ही रह जाएंगे। कुछ लक्जरी सामान और तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को गर्व से कहना चाहिए की मैं स्वदेशी खरीदता हूं। हमें मेड इन इंडिया सामान खरीदना चाहिए। इससे छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा। हमें आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना ही होगा। जिन चीजों का निर्माण भारत में किया जा सकता है, उसे यहीं करें।

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