उज्जैन(डॉ हीना तिवारी): विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में नए वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को उमड़ा जनसैलाब। धार्मिक नगरी उज्जैन में नए साल का स्वागत हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर किया। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने रात 3 बजे से ही मंदिर परिसर में कतारें लगा ली थीं।
सुबह 4 बजे भगवान महाकाल का जागरण हुआ और मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भगवान को गर्म जल से स्नान करवाया गया और पंचामृत अभिषेक किया गया। नववर्ष के मौके पर बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। जिसमे उनके मस्तक पर भांग, चंदन और बिल्वपत्र चढ़ाए गए। इसके बाद महाकाल को वस्त्र ढककर भस्म अर्पित की गई और उन्हें राजा स्वरूप में सजाया गया। इस अवसर पर भगवान को रजत मुण्डमाल, शेषनाग का मुकुट, रुद्राक्ष माला और सुगंधित फूलों से सजाया गया। मोगरे ओर गुलाब के फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दर्शन किए।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को बाबा महाकाल का जागरण हुआ। भगवान को केसर युक्त जल अर्पित किया गया और महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई। उन्होंने बताया कि नववर्ष के पहले दिन मंदिर में हजारों भक्तों ने दर्शन किए।
न केवल उज्जैन बल्कि पूरे देश से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। भक्तों ने नए साल की शुरुआत बाबा महाकाल के आशीर्वाद से की और सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर दर्शन करने आये भक्तो का कहना था कि नए साल की शुरुआत बाबा महाकाल के आशीर्वाद से की है और उनके दर्शन लाभ से आने वाला वर्ष शुभ और सफल होगा। इस दौरान जय श्री महाकाल के जयकारो से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।

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