Navratri Special : आज हम आपको नवरात्रि के पावन अवसर पर ले चलते धार्मिक नगरी उज्जैन के माता चामुण्डा देवी के मंदिर। महाकाल नगरी में माता रानी के कई रूप विराजित है उनमें से एक है छत्रेश्वरी चामुंडा माता।
उज्जैन मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर शहर के मध्य चामुण्डा माता चौराहे पर स्थित है। यहां पर दो माताओं का वास है यानी के एक साथ दो देवियां यहां वराजित है। यहाँ देवी छत्रेश्वरी और चामुण्डा यह दो रूप में माता अपने भक्तों को दर्शन देती है।
इस मंदिर में माता पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित है। चामुण्डा चौराहे से ही माता के दर्शन हो जाते है। मंदिर का जीर्णोद्धार 1971 में हुआ था।
होती है शासकीय पूजा
शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर दोपहर 12 बजे माता की शासकीय पूजा होती है। चैत्र नवरात्र और वर्ष की पहली तारीख पर मंदिर में माता को छप्पन भोग लगाया जाता है। फूलों और फलों से आकर्षक सज्जा की जाती है। शारदीय नवरात्रि में भी छप्पन भोग का आयोजन किया जाता है।
छत्रेश्वरी चामुण्डा माता मंदिर में परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की मूर्तियां भी विराजित हैं। पृष्ठ भाग में हनुमान, महाभैरव तथा शिव का मंदिर भी है। भक्तों का कल्याण करने वाली माता चामुण्डा को मंगलकरणी भी कहा गया है। इसलिए मंगलवार के दिन माता के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि लगातार बारह मंगलवार को माता के दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

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