August 29, 2026

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MP Crime News: खरगोन और धार के चोरों ने उड़ाई थी मजदूर के घर की पूंजी, उज्जैन पुलिस ने जेवर ढूंढकर लौटाए तो छलक आए आंसू

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बेहद दिल को छू लेने वाला और अनूठा मामला सामने आया है। एक गरीब दिहाड़ी मजदूर की बेटी के 11 महीने पहले चोरी हुए जेवर जैसे ही वापस मिले, उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी इस खुशी और आभार को व्यक्त करने के लिए वह नागदा से सीधा उज्जैन एसपी ऑफिस पहुंच गया। वहां उसने एसपी प्रदीप शर्मा को धन्यवाद देते हुए अपने साथ लाया एक थैला थमा दिया। जब एसपी साहब ने मुस्कुराते हुए थैला खोला तो वे भी गदगद हो गए और बोले कि ‘गिलकी तो मुझे बहुत पसंद है!’ इसके बाद एसपी ने भी उस मजदूर पिता को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।

🥺 जीवनभर की गाढ़ी कमाई से खरीदे थे बेटी के जेवर, चोरी के बाद टूट गया था परिवार

एसपी साहब को धन्यवाद देते हुए मजदूर जगदीश सिंह की आंखें नम हो गईं और उनके गले से आवाज भी ठीक से नहीं निकल पा रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि ये जेवर उनके जीवनभर की कमाई और परिवार की इकलौती अनमोल पूंजी थे। नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बताया कि करीब 11 महीने पहले अक्टूबर 2025 में जगदीश की बेटी डिलीवरी के समय अपने मायके आई हुई थी, तभी घर से करीब 3 लाख 60 हजार रुपये के जेवर चोरी हो गए थे। ग्राम मोहिया, पिपलिया निवासी जगदीश ने नागदा थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। घर की पूंजी छिन जाने के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में था।

🔍 पुलिस की बड़ी सफलता: खरगोन और धार के चोरों से बरामद हुआ लाखों का माल

उज्जैन पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और इस क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के खुलासे के लिए जाल बिछाया। कुछ दिनों पहले पुलिस को बड़ी सफलता मिली जब पता चला कि खरगोन के सिगनूर निवासी रतन सिंह सिकलीगर, दीपक सिकलीगर और धार के गंधवानी निवासी शिवराज छाबड़ा ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 28 लाख रुपये का चोरी हुआ माल बरामद किया, जिसमें जगदीश के घर से चुराए गए जेवर भी शामिल थे।

🥦 मजदूर पिता का अनोखा अंदाज: एसपी को थैला भरकर भेंट की सब्जियां

पेशे से दिहाड़ी मजदूर जगदीश जब अपने जेवर पाकर बेहद खुश हुआ, तो वह नागदा थाना प्रभारी के साथ-साथ उज्जैन पुलिस के मुखिया एसपी प्रदीप शर्मा को भी धन्यवाद देना चाहता था। एक गरीब मजदूर होने के नाते जब उसे समझ नहीं आया कि वह एसपी साहब को क्या भेंट करे, तो उसने बाजार से ताजी गिलकी और कुछ सब्जियां खरीदीं और सीधे एसपी ऑफिस जा पहुंचा। उसने जब एसपी प्रदीप शर्मा को धन्यवाद कहकर वह थैला भेंट किया, तो पुलिस अधीक्षक ने भी बेहद सहजता और अपनेपन के साथ उसे स्वीकार किया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस और आम जनता के बीच का यह भरोसा ही खाकी की असली ताकत है।

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