भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख महानगरों में वर्षों से लटके मास्टर प्लान को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार को 3 महीने का अल्टीमेटम दिया है।
जीतू पटवारी ने चेतावनी दी है कि यदि तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया, तो कांग्रेस 50 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ इंदौर से भोपाल तक विशाल पदयात्रा निकालेगी। मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है, जिसकी कमान विधायक आरिफ मसूद, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संभाल रखी है।
🧘♂️ पीसी शर्मा के 31 घंटे के उपवास के दौरान जीतू पटवारी का तंज, ‘मोदी-मोदी’ के नारे पर गरमाई राजनीति
भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे के अनशन पर बैठे थे। अनशन स्थल पर पहुंचकर जीतू पटवारी ने पीसी शर्मा का उपवास खत्म कराया।
इस दौरान धरना स्थल को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने भोपाल के मतदाताओं पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “लगातार एक ही राजनीतिक दल को वोट देने का ही यह नतीजा है कि आज शहर की जायज समस्याओं की भी सुनवाई नहीं हो रही है।” उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और चैंबर ऑफ कॉमर्स का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगाया और कहा कि “आप भी यही रट लगाए रहे, लेकिन हासिल क्या हुआ?” जीतू पटवारी का यह राजनीतिक तंज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
📢 ’25 साल से बीजेपी सत्ता में, फिर भी क्यों अटका है मास्टर प्लान?’: कांग्रेस का सीधा सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समय-समय पर नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लाने की मांग करती रही है।
उन्होंने कहा, “मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री और मुख्य सचिव से आग्रह करता हूं कि यदि आप समय पर मास्टर प्लान लागू नहीं करते हैं, तो यह जनता और व्यापारियों के साथ अन्याय है।” पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में बीते 20-25 वर्षों से भाजपा सत्ता में है, लेकिन आज तक भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान तैयार नहीं हो सका। मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसकी राजधानी का मास्टर प्लान दशकों से अटका पड़ा है।
🏢 क्यों अटका है भोपाल-इंदौर का मास्टर प्लान? जानिए तकनीकी और प्रशासनिक वजहें
मध्य प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में शहरी विकास को गति देने के लिए ‘मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम’ (MP Metropolitan Region Planning and Development Act) पारित किया है। इस अधिनियम के तहत भोपाल और इंदौर के आसपास के सीमावर्ती जिलों और कस्बों को मिलाकर एक बड़ा ‘मेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन’ तैयार करने की योजना है।
प्रशासनिक सूत्रों और सरकार का पक्ष है कि मास्टर प्लान का ड्राफ्ट लगभग तैयार है, लेकिन हरित क्षेत्र (Green Belt), तालाबों के संरक्षण, व्यावसायिक निर्माण नियमों और सीलिंग से जुड़े कानूनी संशोधनों के कारण इसे अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि भू-माफियाओं और बिल्डरों को लाभ पहुंचाने की नीयत से मास्टर प्लान को जानबूझकर रोका गया है।

More Stories
Jabalpur Ground Report: कीचड़ में गूंजी किलकारी! सड़क के अभाव में रास्ते में डिलीवरी, अब खुद ही सड़क बना रहा पूरा गांव
Barwani School Dispute: “2-3 लाख क्यों खर्च करें?” बड़वानी में स्कूल भवन की मांग पर बोले प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल
Sagar Administration Crackdown: सागर में मोहन सरकार के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 5 नामी होटल-रिसॉर्ट सील