मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शासकीय पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए हेड मास्टर पर आरोप है कि उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले कथित तौर पर स्कूल कक्ष का गंगाजल से शुद्धीकरण किया। इसके बाद उन्होंने रिबन काटकर कुर्सी का उद्घाटन किया और कार्यभार संभाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके सामने आने के बाद शिक्षक की चौतरफा आलोचना की जा रही है। आरोप है कि इससे पहले इस स्कूल में एक आदिवासी समुदाय के हेड मास्टर पदस्थ थे, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए थे।
✊ भीम आर्मी ने किया जोरदार प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
घटना का वीडियो सामने आने के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने विद्यालय के मुख्य गेट के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि दलित या आदिवासी शिक्षकों की कुर्सी पर बैठने से पहले इस तरह गंगाजल छिड़ककर शुद्धीकरण किया जा रहा है, तो यह बेहद आपत्तिजनक है और पिछड़े-वंचित वर्ग के लोगों को नीचा दिखाने का प्रयास है।
🗣️ प्राचार्य ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत, प्रशासन कर रहा है जांच
वहीं, शुद्धीकरण के आरोपों से घिरे प्रभारी प्राचार्य राम सखेंद्र द्विवेदी ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि 30 तारीख को पूर्व प्राचार्य का सम्मानजनक विदाई समारोह आयोजित किया गया था, और उन्होंने 5 अक्टूबर को विद्यालय पहुंचकर सामान्य रूप से स्टाफ के बीच पदभार ग्रहण किया है। कमरे में पवित्र जल छिड़कने के बजाय केवल सरस्वती माता की प्रतिमा पर सामान्य जल छिड़का गया था, जिसे जातिगत रंग दिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार रोशन लाल रावत ने बताया कि भीम आर्मी की शिकायत पर ज्ञापन ले लिया गया है और सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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