मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करीब एक महीने पहले बाणसागर डैम को तैरकर मैहर से बांधवगढ़ की ओर रुख करने वाला जंगली हाथी एक बार फिर अपने पुराने रास्ते से लौटकर वापस मैहर वनमंडल में आ पहुंचा है। हाथी की दोबारा हुई इस आमद से क्षेत्र के लोगों और वन विभाग की सांसें एक बार फिर अटक गई हैं।
🌳 रामनगर के पास से वनमंडल मैहर में किया प्रवेश, सेमरिया के पास है मौजूदगी
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस जंगली हाथी ने रामनगर जनपद के पास से वनमंडल मैहर की सीमा में प्रवेश किया है। वर्तमान समय में उसकी मौजूदगी ग्राम पंचायत सेमरिया और उसके आसपास के जंगली इलाकों में बताई जा रही है।
📅 पहले भी 22 दिन मैहर में बिताने के बाद बांधवगढ़ गया था हाथी
उल्लेखनीय है कि यह वही हाथी है, जो पिछली बार 7-8 सितंबर की दरमियानी रात को मैहर वनमंडल क्षेत्र में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह करीब 22 दिनों तक लगातार मैहर क्षेत्र के अलग-अलग जंगलों और गांवों के आसपास विचरण करता रहा था।
- बाणसागर पार कर गया था: इसके बाद गत 28 सितंबर को वह बाणसागर डैम में उतरकर तैरते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की ओर रवाना हो गया था। अब एक बार फिर उसी जलमार्ग और रास्ते से उसकी वापसी मैहर क्षेत्र में हो गई है।
- सक्रिय हुई निगरानी टीम: हाथी की इस अप्रत्याशित आवाजाही से मैहर वन विभाग की पूरी निगरानी व्यवस्था और रेस्क्यू टीमें एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।
📢 वन विभाग ने जारी की सतर्कता सूचना, रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने की पुष्टि
वन विभाग के रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि मैहर लौटकर आया यह वही हाथी है, जो पिछली बार करीब 22 दिनों तक इस क्षेत्र में रहने के बाद बांधवगढ़ की तरफ चला गया था। हाथी के दोबारा लौटने की सूचना मिलते ही वन विभाग ने आसपास के दर्जनों गांवों के लिए विशेष सतर्कता सूचना जारी कर दी है।
वनमंडल मैहर की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हाथी सेमरिया से लगे गांवों या उसके नजदीकी वन क्षेत्रों से होकर गुजर सकता है, इसलिए स्थानीय ग्रामीणों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
⚠️ ग्रामीणों के लिए वन विभाग की विशेष सलाह और हिदायतें:
हाथी के मूवमेंट को देखते हुए विभाग ने आम जनता और किसानों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- दूर रहें: हाथी के पीछे बिल्कुल न भागें और न ही उसके नजदीक जाने का किसी प्रकार का दुस्साहस करें।
- भंडारण से बचें: जिन घरों में महुआ या अन्य किसी अनाज का भंडारण किया गया हो, वहां रात के समय सोने से पूरी तरह बचें (क्योंकि हाथी इनकी गंध से आकर्षित होते हैं)।
- खेतों में न बिताएं रात: किसान और ग्रामीण खेतों में खुले आसमान के नीचे या मचान पर रात न बिताएं, तथा सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर ही रहें।

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