मध्य प्रदेश के सागर जिले में महापौर और एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) सदस्यों की नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री से नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। महापौर संगीता सुशील तिवारी और पार्षदों ने संभागायुक्त दिलीप कुमार से मुलाकात कर नगर निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महापौर का आरोप है कि आयुक्त एमआईसी के जनहितैषी फैसलों और महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लंबे समय तक लंबित रखते हैं और समय-सीमा के भीतर उनका पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं, जिससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है।
📋 ‘एमआईसी के प्रस्तावों को नहीं दिया जा रहा तवज्जो’, विकास कार्य और वित्तीय अनुशासन प्रभावित
संभागायुक्त को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के कार्यकाल में जनहित से जुड़े अहम प्रस्तावों को जानबूझकर टाला जा रहा है। बैठकों में लिए गए निर्णयों का अनुपालन समय पर न होने से शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं और वित्तीय अनुशासन प्रभावित हो रहे हैं। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में भी आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताया गया था और उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए थे।
🔄 महापौर ने की तत्काल प्रभाव से निगम आयुक्त के तबादले की मांग
स्थिति को देखते हुए महापौर संगीता सुशील तिवारी ने संभागायुक्त से अनुरोध किया है कि शहर में विकास कार्यों की गति को बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और निगम आयुक्त का तत्काल प्रभाव से तबादला किया जाए। इस दौरान महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, एमआईसी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद रहे। वहीं, आयुक्त राजकुमार खत्री का कहना है कि उन्हें इस शिकायत के बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी मिलने पर नियमानुसार जवाब दिया जाएगा।

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