इंदौर। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फिर विवादित बयान दे दिया है।विकास कार्यों के लोकार्पण अवसर पर कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से ही एक स्थानीय महिला पार्षद की शारीरिक बनावट को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। माइक से जनता को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने महिला पार्षद की ओर इशारा कर कहा— “इनकी चौड़ाई थोड़ा बढ़ गई है।” इसके बाद वे हंसने लगे। इस दौरान मंच पर भाजपा के क्षेत्रीय सांसद सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
🏛️ मां शब्द की महिमा पर प्रवचन देने के तुरंत बाद फिसली जुबान: राहुल गांधी पर साधा था निशाना
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार 20 सितंबर को सांसद शंकर लालवानी के साथ वार्ड क्रमांक 6 में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
संबोधन के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने एक दिन पहले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पीएम मोदी को लेकर किए गए हास्य-व्यंग्य (मिमिक्री) पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “कल सरेआम बच्चों के सामने एक मिमिक्री वाला आया, कांग्रेस के दिग्गज नेता वहां बैठे थे। वह मां के नाम की खिल्ली उड़ाकर चला गया। यह क्षमा योग्य है क्या? किसी की भी मां हो, मां तो केवल मां होती है। मां शब्द छोटा है, लेकिन बहुत बड़ा अर्थ रखता है। आप विकास नहीं कर सकते मत करो, देशसेवा नहीं कर सकते मत करो, लेकिन किसी मां का अपमान करने का क्या औचित्य है?”
⚠️ मंच पर महिला पार्षद को बुलाकर की टिप्पणी: कांग्रेस ने घेरा, ‘भाजपा हमेशा करती है महिलाओं का अपमान’
मां की महिमा और सम्मान पर लंबी बातें करने के तुरंत बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक महिला पार्षद का नाम लेकर उन्हें माइक के पास बुलाया।
महिला पार्षद के आगे आते ही विजयवर्गीय ने हंसते हुए उनकी शारीरिक बनावट पर टिप्पणी कर दी। दरअसल, महिला पार्षद के ठीक पीछे मंत्री का एक कार्यकर्ता खड़ा था, जिससे वह पूरी तरह दिखाई नहीं दे रही थीं; इसी दौरान मंत्री ने यह बात कही। इस बयान के सामने आते ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है।
💬 विवाद बढ़ा तो मंत्री ने जताया खेद: बोले— ‘वह मेरी बेटी जैसी, कांग्रेस कर रही है राजनीति’
महिला पार्षद को लेकर दिए गए बयान पर जब राजनीतिक गलियारों में बवंडर खड़ा हुआ और कांग्रेस ने हमला बोला, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मामले पर खेद व्यक्त किया।
विजयवर्गीय ने अपनी सफाई में कहा, “संबंधित महिला पार्षद मेरी बेटी जैसी है। मैंने उसे बचपन में अपनी गोद में खिलाया है। न उनके मन में कोई गलत भाव है और न ही मेरे मन में। कांग्रेस जिस तरह से इस पारिवारिक और हल्के-फुल्के बातचीत के विषय को तूल दे रही है, वह बेहद दुखद है।”
📜 कैलाश विजयवर्गीय के वे बयान, जिन पर पहले भी मच चुका है सियासी बवाल
यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर घिरे हों। इससे पहले भी उनके कई बयानों पर राष्ट्रीय स्तर पर विवाद हो चुका है:
- शूर्पणखा टिप्पणी: वर्ष 2023 में इंदौर के एक धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने लड़कियों के पहनावे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “लड़कियां इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का रूप नहीं दिखता, बल्कि वे शूर्पणखा जैसी दिखाई देती हैं।”
- रिवीलिंग कपड़ों पर बयान: जून 2025 में उन्होंने महिलाओं के पहनावे पर फिर कहा था कि उन्हें लड़कियों का छोटे या रिवीलिंग कपड़े पहनना पसंद नहीं है और वे ऐसी लड़कियों के साथ फोटो नहीं खिंचवाते।
- ‘घंटा’ वाला बयान: इंदौर के भागीरथपुरा में हुए दूषित पानी कांड के दौरान भी मीडिया के सवालों पर विजयवर्गीय का ‘घंटा’ शब्द वाला बयान जमकर सुर्खियों में रहा था। इसके अलावा वे कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कई बार विवादित जुबानी हमले कर चुके हैं।

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