मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए संचालित नियमित टीकाकरण अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष शून्य से पांच साल तक के 48 हजार बच्चों को टीकाकरण के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से 43,200 यानी 90 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब शेष 4,800 बच्चों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य अमले ने घर-घर जाकर अभियान को और तेज कर दिया है।
💉 शून्य से दो साल के बच्चों पर विशेष फोकस, 12 गंभीर बीमारियों से बचाव
इस पूरे अभियान के तहत मुख्य रूप से शून्य से दो साल की उम्र के बच्चों पर फोकस किया जा रहा है, क्योंकि इस आयु वर्ग में बच्चों को 12 तरह की गंभीर बीमारियों से बचाने वाले टीके लगाए जाते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की मदद से छूटे हुए बच्चों को ट्रैक किया जा रहा है। स्लम और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही हैं।
📈 पिछले साल की तुलना में टीकाकरण कवरेज में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार टीकाकरण के आंकड़ों में 8 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में कवरेज 88 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया है। शहरी क्षेत्रों में यह कवरेज 93 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 88 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। हालांकि, सबसे कम कवरेज वाले पनागर और मझौली ब्लॉक पर स्वास्थ्य विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।

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