भोपाल। मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारियों के आधार पर 70 पासपोर्ट बनवाने के गंभीर मामले में एक और आरोपी को धर दबोचा है। एसटीएफ की टीम ने ग्वालियर जिले के बनवार क्षेत्र निवासी गया प्रसाद गौतम को गिरफ्तार किया है। इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में अब तक कुल 6 आरोपियों की आधिकारिक गिरफ्तारी हो चुकी है। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गया प्रसाद गौतम ने वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इसके पश्चात वह वर्ष 2021-22 के दौरान ग्वालियर जिले के डबरा स्थित ‘सिमरिया टेकरी’ में भंते के रूप में निवास कर रहा था। एसटीएफ फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।
📄 बिना जान-पहचान 17 लोगों के पते की कर दी थी फर्जी पुष्टि: एक ही पते पर बने थे पासपोर्ट
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी गया प्रसाद गौतम ने बिना किसी पूर्व परिचय या पहचान के 17 संदिग्ध लोगों के निवास पते की गवाह के रूप में पुष्टि कर दी थी।
एसटीएफ की विस्तृत जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में आरोपी गया प्रसाद ने सिमरिया टेकरी स्थित अंबेडकर पार्क में बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इसी आयोजन के दौरान उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई थी। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए संबंधित लोगों के पासपोर्ट बनवाने में सक्रिय सहयोग दिया। इन सभी फर्जी आवेदनों में एक ही समान पता ‘सिमरिया टेकरी, डबरा, जिला ग्वालियर’ दर्ज कराया गया था।
🕵️ फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस: STF DIG राहुल कुमार लोढ़ा ने दी विस्तृत जानकारी
एसटीएफ के डीआईजी (DIG) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया, “गया प्रसाद गौतम की मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से पहचान कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इसके बाद रेयाल चौधरी के इशारे पर ही गया प्रसाद ने अनजान लोगों के निवास पते की पुष्टि की।”
उन्होंने आगे बताया, “जिन 17 आरोपियों के लिए उसने गवाह के तौर पर पते सत्यापित किए थे, उनसे उसका पहले से कोई परिचय नहीं था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पासपोर्ट बनवाने के इस सिंडिकेट में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका रही और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन चकमा देने का यह पूरा नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था।”
🌐 मध्य प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट रैकेट की सूक्ष्म जांच जारी: अन्य कड़ियों की तलाश
एसटीएफ मध्य प्रदेश फर्जी दस्तावेजों और गलत पते के आधार पर जारी किए गए कुल 70 पासपोर्टों के संवेदनशील मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच एजेंसी द्वारा पासपोर्ट आवेदनों, जमा कराए गए पहचान पत्रों, पुलिस सत्यापन रिपोर्टों और संबंधित गिरोह के सदस्यों के बीच संपर्क की कड़ियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। एसटीएफ अब इस मामले से जुड़े अन्य सह-आरोपियों की धरपकड़, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले कंप्यूटर सेंटरों की पहचान और पते की जमीनी हकीकत की जांच में जुटी हुई है।

More Stories
Rewa Kidnapping Solved: औलाद की चाहत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रची मासूम के अपहरण की साजिश; 100 किमी दूर मिली बच्ची
Bundelkhand Medical College Sagar: गर्भावस्था में खून की कमी बनी जानलेवा! सागर में प्लेसेंटा प्रीविया से पीड़ित महिला की सफल डिलीवरी
Madhya Pradesh Politics News: 9 महीने का इंतजार खत्म! चंद्रशेखर तिवारी संभालेंगे MP बीजेपी संगठन की कमान; नितिन नबीन ने जारी की सूची