September 24, 2026

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Ratlam News Today: धोलावाड़ डैम आधा खाली: रतलाम में सिंचाई के पानी पर रोक; विधायक बोले- ‘किसानों का हक न मारें, अनुपात में बाँटें’

रतलाम। रतलाम शहर की प्यास बुझाने वाले प्रमुख धोलावाड़ डैम (जलाशय) के पानी के बंटवारे को लेकर जिला प्रशासन और स्थानीय सैलाना विधायक के बीच रस्साकशी शुरू हो गई है। इस वर्ष जिले में औसत से काफी कम बारिश होने के कारण धोलावाड़ डैम आधा खाली रह गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने धोलावाड़ डैम से रबी फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़े जाने का आधिकारिक आदेश जारी किया था। इस आदेश के सामने आते ही सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को कड़ा पत्र लिखकर सिंचाई का पानी रोकने के फैसले को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन करेंगे।

🌾 शहर को पेयजल और सैकड़ों किसानों को मिलती है सिंचाई की सुविधा: बारिश कम होने से अधिकांश जल स्रोत सूखे

उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले में इस मानसून सीजन में काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते जिले के अधिकांश प्राकृतिक व कृत्रिम जल स्रोत सूखे पड़े हैं।

रतलाम का सबसे प्रमुख जल स्रोत ‘धोलावाड़ डैम’ है, जिससे रतलाम शहर को पीने के पानी की आपूर्ति होती है। इसके साथ ही डैम के आसपास के सैकड़ों ग्रामीण और किसान खेतों की सिंचाई के लिए भी इसी जलाशय के पानी पर निर्भर हैं।

🚫 जलाशय में सिर्फ 45% जल भराव: कलेक्टर ने गेहूं की फसल हेतु पानी देने पर लगाई रोक

इस वर्ष धोलावाड़ जलाशय में कुल क्षमता का मात्र 45 प्रतिशत जल ही भर सका है।

पानी की इस भारी किल्लत को देखते हुए रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जल संसाधन व सिंचाई विभाग को सख्त निर्देश जारी किए थे कि जिले में जल संकट को देखते हुए धोलावाड़ डैम से गेहूं जैसी अधिक पानी खपत वाली फसलों की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसके साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए गए थे कि वे आसपास के किसानों को चना अथवा कम पानी में पकने वाली अन्य वैकल्पिक फसलें बोने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित करें।

📜 अवैध पानी निकासी पर जब्ती और FIR के निर्देश: विधायक डोडियार ने लिखा प्रशासन को पत्र

कलेक्टर ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई व्यक्ति या किसान डैम से अवैध रूप से पानी चोरी करने या जबरन मोटर-पाइप डालने का प्रयास करता है, तो उसके उपकरण व पाइप तत्काल जब्त कर संबंधित के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।

प्रशासन के इस सख्त रवैये के बाद सैलाना के भारत आदिवासी पार्टी (BAP) विधायक कमलेश्वर डोडियार मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने रतलाम जिला प्रशासन को पत्र भेजकर सिंचाई के लिए पानी रोकने के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

📢 ‘किसानों का हक न मारे प्रशासन’: निर्णय वापस न होने पर विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी

विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, “धोलावाड़ डैम के पानी पर पहला प्राथमिक हक इस क्षेत्र के स्थानीय आदिवासियों और किसानों का है। यदि बारिश कम हुई है तो शहर के पेयजल और किसानों की सिंचाई के पानी में समान अनुपात में कटौती की जानी चाहिए, न कि किसानों का सिंचाई पानी पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। ऐसा करने से रबी सीजन में किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। यदि जिला प्रशासन अपना फैसला वापस नहीं लेता है तो हम किसानों के हित में बड़ा आंदोलन करेंगे।”

⚖️ वर्षों पुराना जल विवाद फिर उभरा: संशय में पड़ा सिंचाई विभाग

धोलावाड़ डैम में पानी का जलस्तर गिरते ही स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और रतलाम नगर निगम के बीच पानी के न्यायसंगत बंटवारे का वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर से सतह पर आ गया है।

दूसरी ओर, विधायक के कड़े तेवरों और जिला प्रशासन के सख्त आदेशों के बीच फँसा सिंचाई विभाग का अमला भी इस पत्राचार और गतिरोध को लेकर असमंजस व संशय की स्थिति में है।

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