April 19, 2026

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अमरनाथ यात्रियों के पहला जत्थे को जम्मू बेस कैम्प से LG मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पवित्र अमरनाथ यात्रा आज शुक्रवार (30 जून) से शुरू हो गई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए पहले जत्थे को जम्मू के बेस कैंप से रवाना किया गया। भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को उपराज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उपराज्यपाल ने सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी। बता दें कि गुरुवार तक जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में अमरनाथ यात्रा के लिए देश भर से 1600 से ज्यादा तीर्थ यात्री पहुंच चुके हैं।

उपराज्यपाल मनाज सिन्हा ने ट्वीट कर लिखा कि श्री अमरनाथ जी तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पवित्र गुफा के लिए रवाना हुए। सभी भक्तों को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण यात्रा की शुभकामनाएं। बाबा अमरनाथ से सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।

लगभग 62 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में गुरुवार तक 1600 से ज्यादा तीर्थ यात्री जम्मू पहुंच चुके हैं। तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, भारतीय सेना के साथ विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को जम्मू कश्मीर में तैनात किया गया है। जम्मू में ये पहला मौका है जब बम स्क्वाड, डॉग स्क्वाड के साथ ड्रोन यूनिट्स को तीर्थ यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है। आतंकी खतरे को देखते हुए जम्मू से लेकर कश्मीर और एलओसी पूरी तरह से अलर्ट पर हैं।

जानकारी के मुताबिक आज शुक्रवार शाम तक यात्रा के आधार शिविर बालटाल (गांदरबल) और पहलगाम के नुनवन (अनंतनाग) पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार, एक जुलाई को दोनों आधार शिविरों से श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की तरफ रवाना किया जाएगा और यात्रा प्रारंभ हो जाएगी।

तीर्थयात्रियों का पहला जत्था दक्षिण कश्मीर हिमालय में भगवान शिव के 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में दर्शन करेगा। 62 दिवसीय तीर्थयात्रा 1 जुलाई को कश्मीर से दो मार्गों से शुरू होगी। अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर छोटा बालटाल मार्ग। अमरनाथ की आगे की यात्रा के लिए 3,500 से ज्यादा तीर्थयात्री जम्मू पहुंचे।

ये जत्था सबसे पहले बालटाल और पहलगाम के बेस कैंप पहुंचेगा, वहां से यात्रा औपचारिक रूप से शनिवार को शुरू होगी। बालटाल और पहलगाम रूट से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ेगा। भगवती नगर बेस कैंप में और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। तीर्थयात्रियों को ले जाने वाला काफिले को भी सुरक्षा कवर दिया गया है। सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहेंगे और सुरक्षा देंगे। इलाके में सेना और पुलिस का नियंत्रण रहेगा।

इससे पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार रात बेस कैंप का दौरा किया और तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष सिन्हा ने सुरक्षा व्यवस्था, संयुक्त नियंत्रण कक्षों के कामकाज, लंगर स्टॉल्स, पंजीकरण काउंटरों, बिजली और पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता की समीक्षा के अलावा तीर्थयात्रियों के भोजन और आवास का जायजा लिया।

उन्होंने परिवहन सुविधाओं, स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती, अग्निशमन वाहनों और आपातकालीन सेवाओं की भी समीक्षा की।

यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड और पत्थर गिरने की घटनाओं को ध्यान में रखकर कुछ हिस्सों को संवेदनशील माना गया है। यहां से गुजरने पर यात्रियों को हेल्मेट पहनना अनिवार्य किया गया है। जो श्रद्धालु खच्चर का इस्तेमाल करेंगे, उनके लिए भी हेल्मेट जरूरी है। यह हेल्मेट श्राइन बोर्ड की तरफ से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।

अब तक रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन यात्रियों के स्वागत के लिए तैयार है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू होने वाली है। यात्रा 1 जुलाई से शुरू होगी और 31 अगस्त तक चलेगी। इस साल की तीर्थयात्रा 62 दिनों की होगी और अब तक की सबसे लंबी होगी। अब तक तीन लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं।

70 वर्ष की आयु तक के यात्री तीर्थयात्रा कर सकते हैं। बालटाल के दो मार्गों से यात्रा की जा सकेगी, जिसमें 14.5 किमी की ट्रैकिंग और चंदनवारी से 13,000 फीट की ऊंचाई पर पवित्र गुफा मंदिर तक 32 किमी की ट्रेकिंग शामिल है। इस साल दोनों मार्गों पर यात्रा ट्रैक को बेहतर बनाया गया है। पटरियों को चौड़ा कर दिया गया है और हैंड रेलिंग लगा दी गई है।

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