October 6, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Indore Noise Pollution PIL: 3 हजार का डेसीबल मीटर डेढ़ लाख में खरीदने का खुलासा, याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में खोली वेबसाइट

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में शोर मापने वाला एक उपकरण (डेसीबल मीटर) पेश करते हुए जानकारी दी कि ऐसे चार उपकरण खरीदे गए हैं जिन्हें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। हालांकि, जब कोर्ट ने इन यंत्रों की कीमत पूछी तो पुलिस ने बताया कि एक यंत्र की कीमत डेढ़ लाख रुपए है, जिस पर अदालत ने हैरानी जताई।

💻 याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में खोली पोल: ऑनलाइन 1400 से 3000 रुपए में मिलने वाले यंत्र पर मचा बवाल

याचिकाकर्ता अमिताभ उपाध्याय के वकील एडवोकेट अभिनव धनोडकर ने अदालत में जोरदार बहस करते हुए कहा कि जो यंत्र पुलिस द्वारा डेढ़ लाख रुपए में खरीदा गया है, बिल्कुल वैसा ही और समान कार्य करने वाला यंत्र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मात्र 1,400 से 3,000 रुपए तक की कीमत में आसानी से उपलब्ध है। वकील ने कोर्टरूम में ही ऑनलाइन वेबसाइट खोलकर इन उपकरणों की उपलब्धता और कीमतों का लाइव प्रमाण भी पेश किया, जिसे देखकर कोर्ट भी अचरज में पड़ गया। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

🕒 शिकायत के 10 घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस: रात की शिकायत पर अगली सुबह पहुंची टीम

यह जनहित याचिका एडवोकेट अमिताभ उपाध्याय के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया है कि अत्यधिक शोर के कारण बच्चों की पढ़ाई और आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कोर्ट में जब पुलिस ने यह दावा किया कि वे शोर नियंत्रण के लिए लगातार मुस्तैद हैं, तो याचिकाकर्ता के वकील ने सबूत देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता ने 3 सितंबर को रात 11:22 बजे तेज आवाज की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस अमला कार्रवाई के लिए अगले दिन सुबह 9:53 बजे मौके पर पहुँचा।

Share to...