मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम द्वारा शहर के फ्लाइओवर की सुंदरता बढ़ाने के लिए रखे गए गमले अब आम जनता और वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। सड़क किनारे रखे गमलों से उतना खतरा नहीं है, जितना उन स्थानों पर है जहाँ फ्लाइओवर के नीचे से भारी यातायात गुजरता है। भंवरकुआं और फूटी कोठी ब्रिज की बाउंड्रीवाल पर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के रखे गए इन भारी-भरकम गमलों के गिरने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। कुछ दिन पहले भंवरकुआं ब्रिज पर एक गमला गिर भी चुका है, गनीमत रही कि वह अंदर की तरफ गिरा, वरना नीचे से गुजरने वाले किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती थी।
💨 युवाओं की रीलबाजी और तेज हवाओं से बढ़ रहा जोखिम: हवा के दबाव और वाहनों की टक्कर से नीचे आ सकते हैं गमले
रात के समय कई युवा फ्लाइओवर की बाउंड्रीवाल पर टिककर रील्स बनाते या फोटोग्राफी करते हैं, जिससे इनके गिरने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। जानकारों का कहना है कि 50 से 100 फीट की ऊंचाई से गिरने पर हेलमेट भी सुरक्षा कवच का काम नहीं कर पाएगा। इसके अलावा आंधी, तूफान या तेज हवाओं के दौरान ब्रिज की रेलिंग पर रखे इन गमलों के अपनी जगह से खिसकने की पूरी आशंका रहती है। जूनी इंदौर फ्लाइओवर पर एक नशे में धुत कार चालक द्वारा डिवाइडर से टकराने पर गमले टूटने की घटना भी सामने आ चुकी है, जिससे यह साफ है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
🛠️ बचाव के उपाय और नगर निगम का पक्ष: बीच वाले हिस्से से हटाए जाएंगे गमले, पानी गिरने की भी मिल चुकी है शिकायत
इस गंभीर समस्या को देखते हुए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि गमलों को सीधे रखने के बजाय मजबूत लोहे के ब्रैकेट में बोल्ट किया जाना चाहिए या फिर मिट्टी की बजाय हल्के फाइबर के गमले इस्तेमाल होने चाहिए। साथ ही जाली लगाने की भी मांग उठी है। इस मामले पर नगर निगम के उद्यान प्रभारी शांतिलाल यादव ने जानकारी दी है कि गमलों में पानी डालने के दौरान कीचड़युक्त पानी नीचे वाहन चालकों पर गिरने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद अब फ्लाइओवर के बीच वाले हिस्सों से इन गमलों को हटाने और आवश्यक सुधार कार्य करवाने का निर्णय लिया गया है।

More Stories
Ratlam Police Action: छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में अतिथि शिक्षक जेल भेजा गया, कानून अपने हाथ में लेने वालों पर भी दर्ज हुआ मुकदमा
FIFA World Cup & Olympics: भारत के फीफा वर्ल्ड कप में पहुंचने पर बोले बाइचुंग भूटिया, सामूहिक प्रयासों की है जरूरत
Madhya Pradesh Jansunwai: कलेक्ट्रेट के बाहर ग्रामीणों का धरना, प्रशासन से जमीन आवंटन निरस्त कर पट्टे देने की मांग