ग्वालियर। शीतला माता मंदिर परिसर में हुए भीषण हादसे के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर गहन जांच का दौर शुरू हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि 17-18 अक्टूबर की दरमियानी रात चीनोर की तरफ से आया ट्रक मंदिर के इतने करीब तक कैसे पहुंच गया और रास्ते में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे क्यों नहीं रोका? इस गंभीर पहलू की तह तक जाने के लिए प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच बिठा दी है, जिसके दायरे में मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात तमाम अधिकारियों और जवानों का आधिकारिक ड्यूटी चार्ट रखा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसकी किस स्तर पर लापरवाही रही।
📋 मेले में ड्यूटी व्यवस्था और सुरक्षा जिम्मेदारियों की पड़ताल: तीन पालियों में तैनात होना था पुलिस बल
जारी किए गए आधिकारिक ड्यूटी चार्ट के अनुसार, 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए थे। योजना के तहत सप्तमी, अष्टमी और नवमी के विशेष पर्वों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मंदिर परिसर पर तीन अलग-अलग पालियों में पुलिस जवानों की लगातार मौजूदगी अनिवार्य की गई थी। अब जांच अधिकारी इसी बात की पड़ताल कर रहे हैं कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध क्यों नहीं लागू हो पाया।

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