उज्जैन। विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार को नगर सीमा लांघकर नए शहर फ्रीगंज पहुंचे राजाधिराज भगवान महाकाल का इंद्रदेव ने झमाझम जलाभिषेक कर अनूठा स्वागत किया। जैसे ही भगवान महाकाल की पावन सवारी पुराने शहर की देवासगेट सीमा पार कर फ्रीगंज की ओर आगे बढ़ी, आसमान में काले बादल घिर आए और टावर चौक पहुंचते ही तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश की इन तेज बौछारों के बीच भी आस्था से सराबोर भक्त अपने आराध्य के एक झलक पाने के लिए सड़क पर डटे रहे। इसके बाद अवंतिकानाथ दशहरा मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ शमी वृक्ष और शस्त्र पूजन संपन्न किया। इस वर्ष पर्याप्त बारिश न होने के कारण सूखे पड़े जलाशयों के बीच महाकाल के आगमन पर बरसी इन राहत की बूंदों ने श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी ला दी।
🏛️ राजसी वैभव और लोक संस्कृति के रंगों में सजी सवारी: अभूतपूर्व भव्यता के साथ संपन्न हुआ नगर सीमा लंघन का उत्सव
विजयादशमी पर मंगलवार को निकले भगवान महाकाल के इस राजसी स्वरूप में धर्म के साथ-साथ लोक कला और संस्कृति के अनूठे रंग देखने को मिले। मंदिर समिति द्वारा नगर सीमा लंघन की इस पारंपरिक सवारी को इस बार बेहद भव्य और आकर्षक रूप दिया गया था, जिसमें पारंपरिक संस्कृति की झलक ने शहरवासियों का मन मोह लिया।

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