ग्वालियर। ग्वालियर में धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) सिद्धि मिश्रा की अदालत ने अभियुक्त अमन शाह को मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा-5 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को चार वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(एन), 323, 506 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराओं 66-डी और 67-क के आरोपों में विचारण के बाद आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
🏥 अस्पताल में काम करने के दौरान हुई थी पीड़िता और आरोपी की पहचान
न्यायालयीन अभिलेखों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रकरण मध्य प्रदेश राज्य की ओर से थाना बहोड़ापुर, जिला ग्वालियर के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया गया था।
- आरोपी का विवरण: सजा पाने वाले आरोपी की पहचान अमन शाह (पुत्र निसार शाह, उम्र 23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्वालियर का ही निवासी है।
- तारीख और एफआईआर: इस मामले में घटना की तारीख 26 नवंबर 2022 दर्ज की गई थी, जबकि पुलिस ने इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) 10 मई 2023 को दर्ज की थी।
अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए तथ्यों के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी की शुरुआती पहचान एक अस्पताल में एक साथ काम करने के दौरान हुई थी। पीड़िता ने न्यायालय में दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम ‘अमन वाल्मीकि’ बताया था, जिसके बाद दोनों के बीच आपसी जान-पहचान और दोस्ती बढ़ी थी।

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