नईदिल्ली: भारत सरकार ने 16वें वित्त आयोग का गठन कर दिया है। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया को वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा ऋत्विक रंजनम पांडे को आयोग का सचिव बनाया गया है। आयोग के अन्य सदस्यों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के हिसाब से आयोग के सदस्यों का कार्यकाल 31 अक्टूबर, 2025 तक या रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तारीख तक के लिए होगा।
केंद्र सरकार द्वारा गठित 16वां वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, राजस्व अनुदान और राज्य के वित्त आयोगों द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राज्य में पंचायतों और नगर पालिकाओं के संसाधनों के संपूरण के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ने के लिए आवश्यक उपायों पर अपनी सिफारिश देगा। इसके अलावा 16वां वित्त आयोग आपदा प्रबंधन के उपायों पर भी अपनी सिफारिश देगा साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के हिसाब से फंड बंटवारे पर भी निर्णय लेगा।
16वें वित्त आयोग को निर्देश दिए गए हैं कि वह 31 अक्टूबर, 2025 तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर दे ताकि 1 अप्रैल, 2026 से 5 साल के लिए उनको लागू किया जा सके। 15वें वित्त आयोग का गठन 27 नवंबर, 2017 को किया गया था। इसने अपनी अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट के माध्यम से 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाली छह साल की अवधि के दौरान सिफारिशें कीं। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2025-26 तक लागू हैं।
वित्त आयोग का गठन हर 5वें साल या उससे पहले किया जाता है हालांकि, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें 31 मार्च 2026 तक की छह साल की अवधि को कवर करती हैं, इसलिए नए आयोग का गठन किया गया है। 16वें वित्त आयोग की एडवांस सेल का गठन 21 नवंबर, 2022 को फाइनेंस मिनिस्ट्री में किया गया था, ताकि आयोग के औपचारिक गठन तक प्रारंभिक कार्य की निगरानी की जा सके।

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