बालाघाट : जिले में गुरुवार-शुक्रवार दोपहर 12 बजे से लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। इस रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बैहर विधानसभा के समरिया से गढ़ी मार्ग पर बिलाईखार के निकट समरिया नाला शुक्रवार की शाम से उफान पर है, जिससे चार पंचायतों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। गढ़ी पंचायत में तेज बारिश के कारण तीन कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं। गुरुवार से गढ़ी क्षेत्र में निरंतर हो रही बारिश के चलते हालौन नदी और अन्य नालों का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है।
🚧 पुलिया फिर हुई क्षतिग्रस्त, छात्रों और ग्रामीणों का आना-जाना बंद
समरिया से बिलाईखार के बीच समरिया नाले के उफान के कारण जैतपुरी, मोहरई, समरिया, धीरी और बिलाईखार से गढ़ी व बैहर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और अन्य लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है। बता दें कि 2023 में लगातार बारिश के कारण समरिया नाले की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका मरम्मत कार्य 2025 में किया गया था। लेकिन हालिया तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण आई बाढ़ में नाले की पुलिया फिर से एक तरफ से क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिया के टूटने से चार पहिया वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है।
🌊 भीमगढ़ जलाशय के दो गेट खोले गए, वैनगंगा नदी किनारे अलर्ट
संजय सरोवर परियोजना (भीमगढ़ जलाशय) का जलस्तर 26 सितंबर को 519.38 मीटर तक पहुंच गया है। जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के अतिरिक्त जल को वैनगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। 26 सितंबर को सुबह 10:30 बजे भीमगढ़ बांध के दो जलद्वार (गेट) 0.30-0.30 मीटर खोले गए हैं।
दोनों गेट कुल 0.60 मीटर तक खोले जाकर बांध से लगभग 3382 घनफीट प्रति सेकंड (96 क्यूमेक्स) की दर से पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण वैनगंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी व जलाशय के निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।

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