मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में पनागर थाना पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक ही परिवार के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में दो सगे भाई और एक भाई की पत्नी शामिल हैं। आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में सूने मकान की रेकी करने के बाद ताला तोड़कर करीब 45 लाख रुपये की कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोरी किए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 30 तोला सोने के आभूषण, चांदी के बहुमूल्य जेवर और वारदात में इस्तेमाल ऑटो व सब्बल भी बरामद कर लिया है।
🕵️♂️ ट्रेन में पत्नी को बैठाने गए थे गृहस्वामी, लौटने पर मिला टूटा हुआ ताला
एडिशनल एसपी (क्राइम) जितेंद्र सिंह के मुताबिक, यह सनसनीखेज वारदात 11 और 12 सितंबर की दरमियानी रात पनागर थाना क्षेत्र के लमती इलाके में हुई। गगन शर्मा अपनी पत्नी को इंदौर जाने वाली ट्रेन में बैठाने के लिए रेलवे स्टेशन गए थे। देर रात होने के कारण वे अपने माता-पिता के घर रुक गए। अगले दिन जब वे अपने घर पहुंचे, तो मकान का कुंदा और ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारियां खुली थीं और लॉकर में रखे सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवर गायब थे। पीड़ित की शिकायत पर पनागर पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
🛺 CCTV फुटेज में दिखा संदिग्ध ऑटो, ऐसे खुला चोरों का राज
पुलिस ने आसपास के इलाके के दर्जनों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें रात करीब 1:04 बजे एक नीले रंग का ऑटो मकान के ठीक सामने रुकता हुआ दिखाई दिया। ऑटो पर ‘कैपरी गोल्ड लोन’ का विज्ञापन लगा हुआ था और उस पर हुड भी बंधा था। पुलिस ने ऑटो की पहचान के आधार पर केवलारी निवासी आशीष चौबे तक अपनी पहुंच बनाई। गहन जांच के दौरान उसके भाई अभिषेक चौबे की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद अभिषेक बिहार भाग गया था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं, आशीष ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाथ में दर्द होने का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती होने का नाटक किया और वहां से भाग निकला, लेकिन मुखबिर की सटीक सूचना पर उसे केवलारी के पास से दोबारा दबोच लिया गया।
👩🦰 पत्नी ने छिपाए थे चोरी के जेवर, आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस पूछताछ में आशीष की पत्नी ज्योति चौबे की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने चोरी किए गए सारे जेवर ज्योति को सौंप दिए थे, जिसे उसने घर में एक झोले में छिपाकर रखा था। पूछताछ में आरोपी आशीष ने कबूल किया कि उसने घटना से दो दिन पहले ही मकान की रेकी की थी। इसके बाद उसने अपने भाई अभिषेक के साथ ऑटो से मौके पर पहुंचकर सब्बल की मदद से ताला तोड़ा और घर में दाखिल हुआ। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मंगलसूत्र, हार, झुमके, चूड़ियां, चेन, ब्रेसलेट, अंगूठियां, तथा डायमंड और रूबी जड़ी अंगूठियां समेत करीब 30 तोला सोना बरामद किया है। इसके अलावा चांदी की गणेश प्रतिमा, सिक्के, बिछिया और पीतल के बर्तन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी आशीष के खिलाफ पहले से ही मारपीट, चोरी और एक्सीडेंट के चार गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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