मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जोरदार मोर्चा खोल दिया है। ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को प्रदेशभर में कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसके तहत इंदौर जिला मुख्यालय पर भी एक बड़ा और जंगी प्रदर्शन देखने को मिला। भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
🏛️ कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास, पुलिस बल के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हुई तीखी धक्का-मुक्की
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट पर इस जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे से ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के पंढरीनाथ मंदिर के पास एकत्रित हुए। वहां से सभी ने एक आक्रोश रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसने बैरिकेड्स लगाकर कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उग्र हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के भीतर घुसने की जोरदार कोशिश की, जिसके चलते पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की का माहौल बन गया।
🗳️ कांग्रेस बोली- ‘भारत का लोकतंत्र खतरे में, जनता का विश्वास और वोटिंग प्रक्रिया पर उठ रहे गंभीर सवाल’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय प्रदर्शन घोषित किया गया था। हरसिद्धि चौराहे से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसजनों ने अंत में महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली ने देश के लोकतंत्र को गंभीर खतरे में डाल दिया है। आज स्थिति यह है कि आम जनता का निर्वाचन प्रक्रिया से भरोसा उठ रहा है और लोगों के मन में यह सवाल है कि उन्होंने जिसे वोट दिया, क्या वही मत पड़ा या नहीं, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा इस पर कोई भी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं रखी जा रही है।
🔍 एसआईआर के नाम पर करोड़ों वोट काटने का आरोप, चुनाव आयुक्तों के खुलासे से गरमाई सियासत
कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि हाल ही के दिनों में चुनाव आयोग के ही अन्य दो चुनाव आयुक्तों द्वारा यह खुलासा किया गया था कि मुख्य द्वारा मनमाने ढंग से फैसले लिए जा रहे हैं तथा अधिकारों के विकेंद्रीकरण के बजाय चुनाव आयोग की व्यवस्था का पूरी तरह केंद्रीकरण कर दिया गया है। कांग्रेस शुरू से ही देश के विभिन्न राज्यों में चुनावों के दौरान धांधली और वोट चोरी किए जाने के गंभीर आरोप लगाती रही है। नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग के अंदरूनी सूत्रों से सामने आई जानकारियों से अब उनके ये आरोप हकीकत में बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। एसआईआर (SIR) के नाम पर चुनावी राज्यों से करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाना एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसके खिलाफ कांग्रेस का यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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