August 28, 2026

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Burhanpur Borsar Village: सैनिटरी पैड्स बांटकर चर्चा में आए समाजसेवी अश्विन पाटिल, ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता की अलख

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है, जहाँ बहनें कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई हर परिस्थिति में रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के बोरसर गांव में एक भाई ने अपनी बहनों की रक्षा का एक बेहद अनूठा और प्रेरणादायक तरीका अपनाया है। समाजसेवी अश्विन पाटिल ने इस पावन पर्व पर गांव की महिलाओं और युवतियों से राखी बंधवाने के बाद उन्हें केवल मौखिक वादा करने के बजाय स्वास्थ्य और स्वच्छता का तोहफा दिया, और सैनिटरी पैड्स बांटकर उन्हें संक्रमण से सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

🩺 50 प्रतिशत महिलाओं में जागरूकता की कमी: बोरसर गांव में बांटे गए 500 सैनिटरी पैड्स

सामाजिक कार्यकर्ता अश्विन पाटिल का कहना है कि आज भी देश के ग्रामीण इलाकों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं और युवतियां सैनिटरी पैड्स का उपयोग नहीं करती हैं, जिसके कारण उन्हें गंभीर संक्रमण का खतरा बना रहता है। थोड़ी सी असावधानी महिलाओं के लिए बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने रक्षाबंधन के दिन बोरसर गांव में लगभग 500 सैनिटरी पैड्स का वितरण किया, ताकि ग्रामीण अंचल की महिलाओं में माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ सके और वे स्वस्थ जीवन जी सकें।

🌟 समाज में हो रही है सराहना: गाली-मुक्त गांव बनाने की दिशा में भी कर चुके हैं अनूठा काम

अश्विन का मानना है कि बहनों के प्रति स्नेह और जिम्मेदारी केवल एक दिन के त्योहार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके स्वास्थ्य और आत्मसम्मान का ख्याल रखना हर भाई का मुख्य कर्तव्य है। उनकी इस अनूठी पहल की पूरे गांव और क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के प्रयासों से समाज की रूढ़िवादी सोच बदलेगी और महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले अश्विन पाटिल ने बोरसर गांव को ‘गाली-मुक्त गांव’ बनाने का अभियान भी चलाया था, जिसके तहत गांव में अभद्र भाषा के प्रयोग पर जुर्माना तय किया गया था।

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