मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीते चार दिनों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से शहर के सभी नदी-नाले उफान पर हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर नर्मदा नदी के प्रसिद्ध घाटों पर देखने को मिल रहा है, जहाँ बढ़ते जलस्तर के कारण सभी घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। इसके अलावा कई रिहायशी कॉलोनियों में भी पानी भर गया है। इस साल अब तक जबलपुर में 20.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, हालांकि यह पिछले साल की इसी अवधि (32 इंच) की तुलना में करीब 12 इंच कम है। जलस्तर बढ़ने के कारण नर्मदा पर बने बरगी बांध के 13 गेट खोलने पड़े हैं, जिनसे लगातार 3,998 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते ग्वारीघाट, तिलवारा घाट और भेड़ाघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। घाटों पर व्यापार करने वाले दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर अपनी दुकानें लगानी पड़ रही हैं।
⚠️ प्रशासन की पर्यटकों से सख्त अपील और कॉलोनियों में जलभराव
भेड़ाघाट के पूरी तरह डूबने के बाद जिला प्रशासन ने सैलानियों और पर्यटकों को कड़ी हिदायत दी है कि वे नर्मदा नदी के करीब बिल्कुल न जाएं, क्योंकि लगातार बारिश से आसपास की चट्टानें फिसलन भरी हो चुकी हैं और नदी का बहाव तेज है। ऐसी स्थिति में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वहीं, शहर के न्यू रामनगर, गंगानगर और सैनिक सोसायटी जैसी कॉलोनियों में भी पानी भर गया है। मदन महल पहाड़ी के ठीक नीचे बसी सैनिक सोसायटी के रहवासियों का कहना है कि पहाड़ी से आने वाले बरसाती पानी के निकास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या विकराल हो गई है। दूसरी ओर, इस मानसूनी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पानी की कमी के कारण सूखने की कगार पर पहुंची धान की फसलें अब पूरी तरह स्वस्थ हो गई हैं।
🌊 बारिश के बाद जन्नत बना पन्ना का किलकिला कुंड और खूबसूरत जलप्रपात
एक तरफ जहाँ जबलपुर में बारिश से आफत है, वहीं पन्ना जिले में बरसात के बाद प्रकृति का एक बेहद मनमोहक रूप देखने को मिल रहा है। पन्ना का प्रसिद्ध ‘किलकिला कुंड’ बारिश के इस मौसम में किसी जन्नत से कम नहीं दिखाई दे रहा। ऐसा प्रतीत होता है जैसे बादलों ने पहाड़ों को अपनी आगोश में ले लिया हो। किलकिला नदी के उद्गम स्थल (जो पन्ना नगर से करीब 15 किमी दूर ग्राम बहेरा में है) से बहता हुआ पानी यहाँ एक गहरी खाई में गिरकर बेहद सुंदर और भव्य झरने का निर्माण करता है। पन्ना नगर में प्रवेश कर प्राणनाथ मंदिर और मां पद्मावती मंदिरों के बीच से गुजरने वाला यह जलप्रपात पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। बरसात के इस सुहाने मौसम में यहाँ सेल्फी लेने और झरने के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।

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