नईदिल्ली: भारत ने क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में अपने दूतावास पर घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि यह घटना एंटी-इंडिया एलिमेंट्स यानी भारत-विरोधी तत्वों ने की हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी कार्यकर्ताओं ने आधी रात को राजनयिक परिसर में घुसपैठ कर कथित तौर पर भारत के झंडे को हटाकर उसकी जगह खालिस्तानी ध्वज फहरा दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने वियना कन्वेंशन का हवाला देते हुए क्रोएशिया को फटकार लगाई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों की सुरक्षा अनिवार्य है और इस मामले को भारत ने क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने इस हरकत को घिनौना और गैरकानूनी बताया है। भारत ने क्रोएशियाई अधिकारी से इस मामले की गंभीरता से जांच करने को कहा ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
भारत सरकार ने क्रोएशिया को अंतरराष्ट्रीय नियमों की याद दिलाते हुए कहा है कि किसी भी देश में दूसरे देश का दूतावास पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए। भारत ने साफ किया कि ‘वियना कन्वेंशन’ के कानून के तहत मेजबान देश की यह जिम्मेदारी है कि वह दूतावास की सुरक्षा करे और वहां कोई बाहरी दखल न होने दे। भारत ने इस मुद्दे पर क्रोएशियाई सरकार के सामने कड़ा विरोध जताया है।
नई दिल्ली ने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि चरमपंथी समूह कितने खतरनाक हो सकते हैं। इन हरकतों से दोषियों की असलियत और उनके बुरे इरादों का पता चलता है, इसलिए पूरी दुनिया की पुलिस को सावधान रहने की जरूरत है। भारत ने कहा कि उम्मीद है कि क्रोएशियाई सरकार दूतावास की सुरक्षा बढ़ाएगी ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर बयान जारी करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं उन लोगों के चरित्र और मंशा को उजागर करती हैं जो इस साजिश के पीछे हैं। भारत ने दुनिया भर के कानून प्रवर्तन अधिकारियों से भी ऐसी हरकतों पर नजर रखने की अपील की है।
घटना के बारे में अभी ज्यादा डिटेल्स नहीं बताए गए हैं, जैसे कि ठीक कब हुई, कितना नुकसान हुआ या किस तरह की तोड़फोड़ की गई। रिपोर्ट्स में सिर्फ इतना कहा गया है कि यह घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना थी। वही क्रोएशिया सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह घटना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि वीएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस के तहत दूतावासों को विशेष सुरक्षा मिलती है। भारत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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