September 22, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Anant Chaturdashi 2026: कब है गणपति विसर्जन? जानिए खंडित मूर्ति विसर्जन से जुड़े जरूरी नियम और सावधानियां

गणेश उत्सव के दौरान भक्त पूरे श्रद्धा भाव से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं. कई दिनों तक घर में गणपति बप्पा की स्थापना करने के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन विधि-विधान से उनका विसर्जन किया जाता है. लेकिन कई बार विसर्जन से पहले गणपति की प्रतिमा गिरने या किसी भी कारण से खंडित हो जाएं तो भक्तों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगते हैं, कि क्या खंडित प्रतिमा की पूजा जारी रखनी चाहिए? या फिर ऐसी स्थिति में तुरंत विसर्जन कर देना चाहिए. आइए जानते हैं, इस बारे में शास्त्रों के नियम क्या कहते हैं.

खंडित हो जाए गणपति की प्रतिमा तो क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर बप्पा की प्रतिमा विसर्जन से पहले किसी वजह से खंडित हो जाए, तो सबसे पहले भक्त को भगवान गणेश के सामने हाथ जोड़कर अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगनी चाहिए. इसके बाद खंडित प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पूजा स्थान से हटाकर विसर्जन कर देना ही सही माना जाता है. प्रतिमा को फेंकना, कूड़े में डालना या किसी ऐसी जगह रखना जहां उसका अनादर हो, सही नहीं माना जाता है.

क्या खंडित प्रतिमा की पूजा कर सकते हैं?

मान्यता है कि देवी-देवताओं की प्रतिमा अखंड और पूरे स्वरूप में होनी चाहिए. इसलिए अगर गणपति की स्थापित प्रतिमा खंडित हो जाए, तो उसकी पूजा पहले की तरह जारी नहीं रखनी चाहिए. ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. भक्त भगवान गणेश का ध्यान करके उनसे क्षमा प्रार्थना कर सकते हैं. इसके बाद प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ विसर्जित किया जा सकता है. साथ ही यहां यह समझना भी जरूरी है कि प्रतिमा का खंडित होना हमेशा किसी अनहोनी का संकेत नहीं माना जाता है, कभी-कभी ये किसी भी वजह से गलती से भी हो सकता है, तो इसमें किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नहीं है.

खंडित प्रतिमा को कैसे विसर्जित करें?

अगर गणपति की प्रतिमा विसर्जन से पहले खंडित हो गई है, तो सबसे पहले प्रतिमा को साफ और सम्मानजनक तरीके से विसर्जन स्थल तक ले जाएं. विसर्जन के दौरान भी गणपति बप्पा का स्मरण किया जा सकता है. फिर किसी भी भूल की माफी मांगते हुए सम्मानपूर्वक खंडित मूर्ति को विसर्जित कर देना चाहिए.

गणपति विसर्जन 2026 में कब होगा?

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में गणपति विसर्जन का मुख्य दिन 25 सितंबर, शुक्रवार को पड़ेगा. इसी दिन अनंत चतुर्दशी भी मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसी दिन गणेश उत्सव का समापन करते हुए गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है.

Share to...