May 2, 2026

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अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग में गेहूं उपार्जन एवं पेयजल प्रदाय की समीक्षा बैठक सम्पन्न

उज्जैन: आज शनिवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में संभागस्‍तरीय गेहूं उपार्जन 2026-27 तथा पेयजल प्रदाय व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में डॉ. राजौरा ने गेहूं उपार्जन (रबी विपणन वर्ष 2026-27) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने निर्देश दिया कि किसानों को भुगतान समय-सीमा में किया जाए, केंद्रों का सतत निरीक्षण हो तथा पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित रहे। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, छांव और अन्‍य प्राथमिक व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जाए। सभी संबंधित अधिकारी उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण कर उपार्जन की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संचालित करें।

बैठक में जानकारी दी गई कि उज्‍जैन संभाग में कुल पंजीकृत किसान 4,62,641 है। कुल 637 उपार्जन केंद्र हैं। अब तक किसानों से कुल खरीदी 7,78,776 मीट्रिक टन की जा चुकी है। कुल 6,45,995 मीट्रिक टन (83%) का सफलतापूर्वक परिवहन किया जा चुका है। अभी तक 1,10,176 किसानों को 1137.32 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

कलेक्‍टर श्री रौशन कुमार सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि उज्जैन जिले में कुल 198 खरीदी केंद्र हैं। अभी तक 2,74,800 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है तथा 33,879 किसानों को 338.08 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। समस्‍त उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर 6 कांटे, स्टील साइलो/साइलो बैग, छाया, पेयजल, कृषक बैठक कक्ष, गर्मी/लू से बचाव के लिए मेडिकल किट (ORS, ग्लूकोज आदि), ट्रैक्टर पार्किंग, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारियों का निरंतर भ्रमण, सांची दुग्ध संघ द्वारा ठंडे पेय जल टैंकर उपलब्ध कराए गए है।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बैठक में वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल की निरंतरता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिए जाने के निर्देश दिए। बैठक में निर्देश दिए कि पेयजल सैंपलिंग नियमित रूप से की जाए, जलाशयों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, तकनीकी कारणों से बंद नल जल योजनाओं को तुरंत चालू किया जाए, आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण किया जाए। नवीन पेयजल की लाइन और ड्रेनेज की लाइन डाले जाने के दौरान शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

उज्‍जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समीक्षा के दौरान लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 9423 हैंड पंप हैं जिनमें से 9020 सक्रिय हैं। नल जल योजना के अंतर्गत वर्तमान में 542 योजनाएं सक्रिय है तथा इनके माध्‍यम से नियमित रुप से जल प्रदाय किया जा रहा है।जिले के नगरीय निकायों में जल प्रदान की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि उज्जैन शहर एवं अन्य नगर निकाय में पेयजल का मुख्य स्रोत गंभीर बांध (प्रमुख), साहिब खेड़ी, उंडासा जलाशय, शिप्रा बैराज और एनवीडीए हैं। उज्‍जैन शहर में नियमित रूप से जल प्रदाय किया जा रहा है। शहर में 6 जल शुद्धिकरण संयंत्र संचालित किए जा रहे है। संभाग के अन्‍य जिलों के पेयजल प्रदाय व्‍यवस्‍था की भी बैठक में समीक्षा कर नागरिकों को सुचारु रुप से पेयजल की उपलब्‍धता सुनिश्‍चित कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में संभागायुक्‍त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्‍टर रौशन कुमार सिंह, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी गोपाल डाड, नगर निगम आयुक्‍त अभिलाष मिश्रा, संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित थे और वीसी के माध्‍यम से संभाग के अन्‍य जिलों के कलेक्टर्स व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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