मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने अनोखे अंदाज और अनूठे विरोध प्रदर्शनों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले श्योपुर के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इस बार उनकी चर्चा का कारण कोई राजनीतिक बयानबाजी, धरना या आंदोलन नहीं, बल्कि दीपावली के पावन पर्व पर एक गरीब महिला की मदद करने का उनका मानवीय और अनूठा तरीका है। विधायक बाबू जंडेल सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेचने वाली एक महिला की मदद करने के लिए खुद ही दुकानदार की भूमिका में आ गए। उनका यह सादगी भरा और मददगार अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी काफी सराहना कर रहे हैं।
🛍️ महिला को दीये बेचते देखा तो खुद संभाला मोर्चा; लोगों से की लोकल दुकानों से खरीदारी की अपील
दुकानदार के रूप में विधायक का अंदाज:
- दुकानों पर उमड़ी भीड़: दीपावली के त्योहार को लेकर बाजारों में भारी रौनक है और लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में सड़क किनारे मिट्टी के दीये, सजावटी सामान और पूजा सामग्री बेचकर अपने परिवार का पेट पालने वाले छोटे और गरीब दुकानदार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
- खुद संभाली दुकान: इसी दौरान कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की नजर सड़क किनारे दीये बेच रही एक गरीब महिला पर पड़ी। महिला की स्थिति को देखकर उन्होंने तुरंत उसकी मदद करने का मन बनाया। उन्होंने अपने समर्थकों से भी महिला से सामान खरीदने को कहा। इसके बाद विधायक खुद महिला की दुकान पर पहुंच गए और आने-जाने वाले ग्राहकों को सामान खरीदने के लिए प्रेरित करने लगे।
- बिना किसी तामझाम के: इस दौरान न तो कोई राजनीतिक मंच था, न माइक और न ही कोई लंबा-चौड़ा भाषण। विधायक सीधे एक आम नागरिक की तरह सड़क किनारे दुकान संभालकर गरीब महिला का सामान बिकवाने की कोशिश करते नजर आए।
🏺 स्वदेशी और छोटे दुकानदारों की मदद का संदेश; पारंपरिक दीयों को बढ़ावा देने की अपील
लोकल फॉर वोकल का संदेश:
- त्योहार की अहम कमाई: दीपावली का यह त्योहार मिट्टी के दीये बेचने वाले कुम्हारों और छोटे-छोटे कारोबारियों के लिए सालभर की सबसे बड़ी कमाई का अवसर होता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और फैंसी सजावटी सामान के दौर में पारंपरिक मिट्टी के दीयों की बिक्री को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।
- जनता से अपील: विधायक बाबू जंडेल ने लोगों से अपील की कि वे बड़े मॉल्स या आधुनिक दुकानों के बजाय इन छोटे और गरीब दुकानदारों से ही दीये और पूजन सामग्री खरीदें, ताकि उनके घरों में भी खुशियों की रोशनी पहुंच सके।
⚡ अपने अनोखे और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं बाबू जंडेल; पहले भी कर चुके हैं ऐसे कई कारनामे
विवादों और चर्चाओं का पुराना इतिहास:
- कुर्ता फाड़ विरोध (2021): श्योपुर में बाढ़ प्रभावितों को उचित मुआवजा और राहत दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने विधानसभा परिसर में अपना कुर्ता फाड़कर अनोखा विरोध जताया था, जो प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था।
- बिजली के खंभे पर चढ़ना (2022): नवंबर 2022 में ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्याओं और शिकायतों के बीच विधायक खुद बिजली के खंभे पर चढ़ गए थे, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
- अन्य चर्चित घटनाएं: इसके अलावा किसानों के मुआवजे के मुद्दे पर संविधान जलाने संबंधी बयान, बारिश की कामना के लिए गधे पर जुलूस निकालने का बयान, और जन्मदिन पर गले में सांप डालकर समर्थकों के बीच पहुंचने जैसे कई मामलों के कारण वे लगातार सुर्खियों में रहे हैं।

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