भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित टिप्पणी करने के बाद बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री माफी मांगने के बावजूद विरोधियों के निशाने पर बने हुए हैं। उज्जैन के प्रसिद्ध टॉवर चौक पर आजाद समाज पार्टी के प्रदेश नेता दामोदर यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर धर्म को धंधा बनाने और भगवान श्रीकृष्ण का घोर अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छतरपुर स्थित आश्रम को सील करने और उनकी कथाओं पर रोक लगाने की मांग की है। दामोदर यादव ने शासन-प्रशासन को इसके लिए 14 नवंबर 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है।
🔒 “अगर कृष्ण के वंशज हो तो कथा बंद कराओ”; 15 नवंबर को आश्रम में ताला डालने का दिया अल्टीमेटम
विरोध प्रदर्शन और मुख्य मांगें:
- धर्म विरोधी होने का आरोप: दामोदर यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम धर्म विरोधी न कल थे, न आज हैं और न कभी होंगे, क्योंकि धर्म हमारी नजर में आत्मा है।” उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री से अपील: उन्होंने सीएम मोहन यादव पर तंज कसते हुए कहा, “यदि आप खुद को महाकाल की नगरी का और भगवान कृष्ण का वंशज मानते हैं, तो ऐसे धर्मविरोधी की कथाएं तुरंत बंद करवाएं।”
- 15 नवंबर का अल्टीमेटम: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 14 नवंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के अवसर पर वे 1000 वाहनों के साथ छतरपुर पहुंचकर बागेश्वर धाम आश्रम में खुद ताला लगाएंगे।
🗣️ दामोदर यादव का तीखा बयान: “हम संविधानवादी हैं, कायर नहीं”
आक्रामक भाषा और प्रशासनिक चेतावनी:
- व्यक्तिगत हमला: दामोदर यादव ने अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि छतरपुर का रहने वाला एक पर्ची वाला बाबा खुलेआम भगवान कृष्ण पर ऊलजुलूल टिप्पणियां कर रहा है और सरकार शांत बैठी है।
- संवैधानिक मर्यादा: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संविधानवादी, मानवतावादी और भाईचारे में विश्वास रखने वाले लोग हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वे कायर हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
📜 क्या है पूरा विवाद? करैरा में कथा के दौरान की गई थी टिप्पणी
विवाद की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति:
- करैरा की घटना: हाल ही में मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना की थी। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं जिन्हें लेकर यादव समाज सहित कई अन्य संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया था।
- पुतला दहन और माफी: टिप्पणी के बाद प्रदेश के कई शहरों में धीरेंद्र शास्त्री के पुतले फूंके गए थे और उनके खिलाफ एफआईआर की मांग की गई थी। हालांकि, चौतरफा विरोध बढ़ता देख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सार्वजानिक रूप से अपनी टिप्पणी पर खेद जताते हुए माफी भी मांग ली थी, लेकिन विरोध की आग अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है।

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