शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम झूलना में शासकीय स्टॉप डैम को लेकर एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक पूर्व सरपंच ने अपने निजी खेत से पानी की निकासी करने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करके सरकारी स्टॉप डैम को ही तुड़वा दिया। डैम टूटने से सारा पानी तेजी से बह गया और देखते ही देखते पूरा तालाब खाली हो गया। इस गैरकानूनी हरकत के कारण अब इलाके के अन्य किसानों की रबी फसलों की सिंचाई पर भारी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है और वे लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से बदरवास थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है, जिस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
💧 देखते ही देखते खाली हुआ पूरा तालाब; किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
घटना और शिकायत का विवरण:
- ग्रामीणों की शिकायत: ग्रामीण पवन कुमार ने थाने में दी गई शिकायत में बताया कि ग्राम झूलना में शासकीय स्टॉप डैम का निर्माण कराया गया था, जो पूरी तरह पानी से लबालब भरा था। ग्रामीण इसी जलस्रोत के सहारे अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे थे।
- निजी स्वार्थ के चलते तोड़फोड़: पूर्व सरपंच प्रियाचरण धाकड़ का खेत इस स्टॉप डैम के ठीक पास स्थित है और डैम उसके खेत से सटा हुआ है। खेत में पानी भरने की समस्या के चलते उसने अपने निजी स्वार्थ के लिए 3 नवंबर को जेसीबी मशीन मंगवाकर स्टॉप डैम को तुड़वा दिया। इससे कुछ ही समय में पूरा तालाब खाली हो गया।
- प्रशासनिक कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पटवारी हर्ष ओझा ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पंचनामा तैयार किया। बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव ने बताया कि पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
🌾 विदिशा में नहरें बदहाल: संजय सागर परियोजना की मुख्य नहर में लीकेज से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
विदिशा का घटनाक्रम:
- एक दिन की खुशी: दूसरी ओर, विदिशा के संजय सागर परियोजना की नहरों से सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की खुशी महज एक दिन में मायूसी में बदल गई। 1 नवंबर को नहर में पानी छोड़े जाने के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे थे, लेकिन सोमवार को रिनिया गांव के पास मुख्य नहर में लीकेज होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
- मरम्मत का अभाव: पानी के दबाव के चलते नहर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सिंचाई विभाग को तुरंत पानी का बहाव बंद करना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, रिनिया गांव के पास नहर के पाइपों से लंबे समय से पानी का रिसाव हो रहा था, जिसकी जानकारी अधिकारियों को होने के बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई थी।
🛠️ क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेज; किसानों ने उठाई नियमित सफाई की मांग
नहरों की बदहाली और सुधार कार्य:
- किसानों का आक्रोश: नटेरन क्षेत्र के कृषक रोहित रघुवंशी और धर्मेंद्र रघुवंशी ने बताया कि रावन, नगतरा, सेऊ और हरदो की नहर सहित कई हिस्सों में वर्षों से ठीक तरह से सफाई नहीं हुई है। माइनर-3 सहित अन्य नहरें घास और गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिससे पानी का प्रवाह प्रभावित होता है।
- प्रशासन का पक्ष: जल संसाधन विभाग के एसडीओ सौरभ खरे ने बताया कि रिनिया के पास नहर में लीकेज की जानकारी मिलते ही तत्काल पानी का बहाव बंद करा दिया गया है और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है।

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